

वाशिंगटन/संयुक्त राष्ट्र/काहिरा : ईरान ने रविवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ उसके संघर्ष का समाधान केवल कूटनीति से संभव है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और संघर्ष समाप्त करने के ईरान के प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद आया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज को फिर खोलने का कोई भी कदम ईरान की शर्तें पूरी होने पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि कूटनीतिक समाधान ही मौजूदा गतिरोध से निकलने का रास्ता है। अराघची के मुताबिक, मध्यस्थों ने अमेरिका की ओर से प्रस्ताव खारिज किए जाने की आधिकारिक सूचना अभी ईरान को नहीं दी है। ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने युद्ध में बहुत खराब स्थिति में होने के कारण होर्मुज खोलने का समझौता प्रस्ताव दिया है। ईरान ने पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान कतर के मध्यस्थों के जरिये अमेरिका को सात दिन की योजना भेजी थी। इसके तहत समझौते पर सहमति बनने पर जलडमरूमध्य खोलने और क्षेत्रीय संघर्ष रोकने की प्रक्रिया शुरू होनी थी। ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा कि युद्ध महत्वपूर्ण और निर्णायक चरण में है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि तेहरान परमाणु कार्यक्रम समेत अन्य मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन दबाव या धमकी स्वीकार नहीं करेगा।