

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : शिवपुरम ग्राम पंचायत के प्रधान वेंकटेश्वर राव ने पंचायत परिसर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति को लेकर ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रधान के अनुसार, पंचायत में स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा स्थापित करने की मांग पिछले तीन-चार वर्षों से की जा रही है और इस संबंध में ग्राम सभा की सहमति तथा जिला प्रशासन से आवश्यक स्वीकृति भी प्राप्त की गई थी। वेंकटेश्वर राव ने बताया कि प्रतिमा स्थापना के लिए जमीन, अनुमानित लागत, सिविल एवं इलेक्ट्रिकल कार्य, प्रतिमा के डिजाइन और कोटेशन सहित सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में लगभग डेढ़ वर्ष का समय लगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग की ओर से पहले उनसे इन सभी दस्तावेजों और प्रस्तावित कार्य से संबंधित जानकारी मांगी गई थी, जिसके बाद उन्हें उम्मीद थी कि पंचायत परिसर में नेताजी की प्रतिमा स्थापित हो सकेगी। प्रधान के अनुसार, उन्होंने 3 जुलाई को ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक से मुलाकात कर पूरा एस्टीमेट और दस्तावेज जमा किए। उनका आरोप है कि मुलाकात के दौरान प्रतिमा बनाने के प्रस्ताव को लेकर सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया गया और उनसे कहा गया कि प्रतिमा बनाने के बजाय फुटपाथ या नाली जैसे विकास कार्य किए जाने चाहिए। राव ने कहा कि सड़क और नाली जैसे कार्य जरूरी हैं, लेकिन महान स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं स्थापित करना भी आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान और बलिदान से परिचित कराने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों बाद उन्हें ग्रामीण विकास विभाग की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए प्रतिमा स्थापना की अनुमति देने में असमर्थता जताई गई। प्रधान ने सवाल उठाया कि यदि संबंधित आदेश 2013 से प्रभावी था, तो प्रस्ताव पर लगभग डेढ़ वर्ष तक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बजाय शुरुआत में ही उन्हें इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। वेंकटेश्वर राव का कहना है कि प्रस्तावित प्रतिमा पंचायत के अपने परिसर के भीतर स्थापित की जानी थी और किसी सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थान पर नहीं। इसलिए उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में स्पष्ट स्थिति बताने की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दस्तावेज सौंपने के दौरान उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया और कथित तौर पर एक अधिकारी ने उनके कागजात उनके सामने फेंक दिए तथा उन्हें कथित रूप से धमकाने वाले अंदाज में बात की। प्रधान ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं और उनकी प्रतिमा पंचायत परिसर में स्थापित करना स्वतंत्रता संग्राम के महानायक के प्रति श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में ग्रामीणों और युवाओं के सामने प्रतिमा स्थापना की उम्मीद रखी गई थी, लेकिन अब अनुमति नहीं मिलने से लोगों में निराशा है। वेंकटेश्वर राव ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर सांसद से भी बातचीत की है और मुख्य सचिव से मुलाकात कर अपनी मांग रखने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने शिवपुरम पंचायत के ग्रामीणों और नेताजी के अनुयायियों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर अपनी राय और समर्थन व्यक्त करें।