ईरान में युद्ध टालने की कूटनीतिक पहल

सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा तेहरान
Diplomatic initiative to avert war in Iran
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल
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काहिरा : पश्चिम एशिया में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच फिर से युद्ध छिड़ने की आशंकाओं के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को तेहरान पहुंचे। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, इन बैठकों का उद्देश्य तनाव कम करना और तेहरान तथा वाशिंगटन के बीच समझौते की संभावनाएं तलाशना है। प्रतिनिधिमंडलों में सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और तुर्किये की खुफिया एजेंसी के प्रमुख शामिल हैं। वार्ता में यमन का संघर्ष और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर हमले भी चर्चा के मुद्दे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने कूटनीति का रास्ता बंद नहीं किया है और मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक संदेश पहुंचाए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अमेरिका पर एकतरफा मांगें थोपने का आरोप लगाया। इस बीच, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि ईरान या उसके सहयोगी चुनावों से पहले हमला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इजराइली सेना बचाव और जवाबी कार्रवाई, दोनों के लिए तैयार है। उधर, हूती सैन्य प्रवक्ता ने सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों के ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले करने का दावा किया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

यमन में हूती विद्रोहियों के मिसाइल ठिकाने तबाह करने का दावा : सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसने यमन में हूती विद्रोहियों के मिसाइल ठिकानों को नष्ट कर उनकी सऊदी अरब पर हमला करने की क्षमता कमजोर कर दी है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, अभियान में बैलिस्टिक मिसाइलों के भंडारण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पांच सुरंगें, चार मिसाइल प्रक्षेपक और एक अन्य मिसाइल भंडारण केंद्र नष्ट किए गए। गठबंधन ने हूती हमलों से बचाव के लिए कार्रवाई जारी रखने की बात कही। इस बीच, हूती विद्रोहियों ने अदन और लहज प्रांतों में सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों के ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उधर, इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सेना प्रमुख के बीच ईरान पर संभावित हमले को लेकर मतभेद की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि इजराइल की मंगलवार के चुनाव से पहले ईरान पर हमला करने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, ईरान की ओर से हमले की स्थिति में कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।

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