

वाशिंगटन : अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की शानदार जीत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने राजनीतिक चुनौतियां बढ़ा दी हैं। पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इससे ट्रंप प्रशासन पर अगले दो वर्षों तक विपक्ष का दबाव बने रहने और वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की आशंका है। चुनावी हार के बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में ट्रंप ने राजनीतिक मुद्दों पर ज्यादा चर्चा करने के बजाय व्हाइट हाउस में बन रहे नए बॉलरूम का दौरा किया। ईरान के साथ युद्ध, बढ़ती महंगाई और ट्रंप की नीतियों के खिलाफ मतदाताओं की नाराजगी को डेमोक्रेट्स की जीत का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पार्टी ने सीनेट में कम से कम 54-44 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया, जबकि प्रतिनिधि सभा में भी कम से कम 30 सीटों का इजाफा किया। टेक्सास में डेमोक्रेट्स ने 1988 के बाद पहली बार सीनेट सीट जीती और कंसास में करीब एक सदी बाद पार्टी का सीनेटर चुना गया। प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा कि उनकी पार्टी महंगाई से राहत और प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ध्यान देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन अब ट्रंप प्रशासन के इशारे पर काम नहीं करेगा। जेफ्रीज अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के पहले अश्वेत स्पीकर बन सकते हैं। अलास्का और मिसिसिपी में मतगणना पूरी होने के बाद सीनेट में डेमोक्रेट्स की सीटें 56 तक पहुंचने की संभावना है।