होटल और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए अत्यधिक बिजली दर घटाने की मांग

होटल और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए अत्यधिक बिजली दर घटाने की मांग
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अभियान समिति- अंडमान और निकोबार प्रादेशिक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष टीएसजी भास्कर ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल से होटल, रिसॉर्ट और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से वसूले जा रहे अत्यधिक बिजली शुल्क की तत्काल समीक्षा करने का आग्रह किया है। टीएसजी भास्कर ने कहा कि होटल और रिसॉर्ट से 22.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली शुल्क लिया जा रहा है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि इतनी अधिक बिजली दर पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। यह क्षेत्र अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और हजारों स्थानीय निवासियों को रोजगार प्रदान करता है। उन्होंने लगभग 168 रुपये प्रति किलोलीटर के वाणिज्यिक जल शुल्क तथा निर्माण सामग्री और परिवहन की ऊंची लागत की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि इन सभी खर्चों का संयुक्त बोझ द्वीपसमूह में कारोबार करने की लागत को अत्यधिक बढ़ा रहा है और स्थानीय व्यवसायों के लिए परिस्थितियां कठिन हो रही हैं। टीएसजी भास्कर ने कहा, “विद्युत विभाग की अक्षमताओं का बोझ पर्यटन उद्योग और स्थानीय व्यवसायों पर नहीं डाला जाना चाहिए। इस तरह के अत्यधिक उपयोगिता शुल्क कारोबार करने में सुगमता की भावना के विपरीत हैं और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह को पर्यटन गंतव्य के रूप में कम प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं।”उन्होंने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन तथा संबंधित नियामक प्राधिकरणों से होटल, रिसॉर्ट और पर्यटन से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए तर्कसंगत और पर्यटन-अनुकूल बिजली शुल्क संरचना लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन, निवेश, रोजगार और द्वीपसमूह के लोगों के व्यापक हितों को बढ़ावा मिलेगा।


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