पशुधन आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग, पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर

पशुधन आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग, पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
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सन्मार्ग संवाददाता 

श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में पशुधन प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आधार टैग किए गए पशुधन के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग उठी है। इस संबंध में प्रशासन को एक औपचारिक पत्र भेजकर आम जनता के लिए इन आंकड़ों तक पहुंच उपलब्ध कराने की अपील की गई है। हिंदू सेवा संघ के अध्यक्ष अभय कुमार द्वारा मुख्य सचिव एवं पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा पशुधन का आधार/यूआईडी आधारित टैगिंग कर एक व्यापक डिजिटल डाटाबेस तैयार किया गया है, लेकिन इसकी सार्वजनिक पहुंच न होने से इसकी उपयोगिता सीमित हो जाती है। पत्र में कहा गया है कि नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से इस जानकारी को उपलब्ध कराने से पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि सार्वजनिक पहुंच से आपातकालीन और आपदा की स्थिति में पशुओं और उनके मालिकों की पहचान करने में आसानी होगी। साथ ही, इससे मवेशी चोरी, अवैध परिवहन और अनियमित वध जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। पत्र में यह भी कहा गया है कि किसान अपने खोए हुए पशुओं का पता लगाने और स्वामित्व साबित करने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी आजीविका सुरक्षा मजबूत होगी। यह पहल नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा देकर पशु कल्याण और निगरानी में भी सहायक होगी। साथ ही, डाटा गोपनीयता बनाए रखने पर जोर देते हुए सुझाव दिया गया है कि केवल आवश्यक और गैर-संवेदनशील जानकारी जैसे टैग आईडी, सामान्य स्थान और आंशिक स्वामित्व विवरण ही प्रदर्शित किए जाएं। द्वीपों में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन के महत्व को देखते हुए प्रशासन से इस दिशा में शीघ्र कदम उठाने का आग्रह किया गया है। पत्र के अंत में कहा गया है कि इस संबंध में त्वरित निर्णय प्रशासन की पारदर्शिता, डिजिटल शासन और पशु कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाएगा।

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