एमटीएस-सीएचएसएल में द्वीप युवाओं को 100% आरक्षण की मांग

एमटीएस-सीएचएसएल में द्वीप युवाओं को 100% आरक्षण की मांग
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार प्रादेशिक कांग्रेस समिति की अभियान समिति के अध्यक्ष टीएसजी भास्कर ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर संयुक्त मैट्रिक स्तर परीक्षा-2026 तथा कॉमन हायर सेकेंडरी लेवल परीक्षा-2026 की भर्ती प्रक्रिया में पात्र स्थानीय युवाओं के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण अथवा प्राथमिकता प्रदान करने की मांग की है। इन परीक्षाओं के माध्यम से अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के अंतर्गत 1,535 सरकारी पदों पर भर्ती की जानी है। अपने ज्ञापन में भास्कर ने कहा कि यह भर्ती अभियान कई वर्षों के बाद आयोजित किया जा रहा है, जिससे द्वीपसमूह के हजारों शिक्षित बेरोजगार युवाओं में नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं ने लंबे समय से सरकारी रोजगार के अवसरों की प्रतीक्षा की है और अपने ही केंद्रशासित प्रदेश में उपलब्ध नौकरियों में उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। भास्कर ने इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की कि बार-बार मुख्यभूमि भारत से आने वाले अभ्यर्थी प्रशासन में नियुक्तियां प्राप्त कर लेते हैं, जबकि स्थानीय युवा बेरोजगार रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि द्वीपसमूह के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग सुविधाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित संसाधनों तक सीमित पहुंच जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे वे मुख्यभूमि के अभ्यर्थियों की तुलना में पिछड़ जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अनुभव से यह भी देखा गया है कि मुख्यभूमि से भर्ती होकर आने वाले कई कर्मचारी द्वीपों की भौगोलिक दूरस्थता और यहां की विशिष्ट परिस्थितियों के कारण लंबे समय तक सेवा में नहीं रहते। उनके स्थान छोड़ने से पद रिक्त हो जाते हैं, बार-बार भर्ती प्रक्रिया चलानी पड़ती है, प्रशासनिक असुविधा होती है और सार्वजनिक धन का अनावश्यक व्यय होता है। भास्कर ने कहा कि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में बड़ी संख्या में शिक्षित और सक्षम बेरोजगार युवा उपलब्ध हैं। जब 1,500 से अधिक रिक्तियों को भरा जा रहा है, तब प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि द्वीपवासियों के हितों की रक्षा हो। उन्होंने कहा कि इन द्वीपों में सृजित रोजगार के अवसरों का लाभ मुख्य रूप से यहीं के बेटों और बेटियों को मिलना चाहिए। उन्होंने उपराज्यपाल से ऐसी व्यवस्था विकसित करने का आग्रह किया जिससे स्थानीय अभ्यर्थियों की अधिकतम भागीदारी और चयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी मांग की कि भर्ती संबंधी अधिसूचनाओं का प्रचार केवल स्थानीय माध्यमों जैसे द डेली टेलीग्राम्स, आकाशवाणी और स्थानीय समाचार पत्रों के जरिए किया जाए, न कि ऐसे ऑनलाइन मंचों पर जहां मुख्यभूमि से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। टीएसजी भास्कर ने आशा व्यक्त की कि प्रशासन इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के बेरोजगार युवाओं के व्यापक हित में उचित कदम उठाएगा।

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