

ढाका: बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जाएगी। देश के कानून मंत्री मोहम्मद असदुज्जमान ने रविवार को यह जानकारी दी। 76 वर्षीय शाहाबुद्दीन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार को अपने कार्यकाल की समाप्ति से दो वर्ष पहले ही राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था।
चटगांव में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कानून मंत्री ने कहा कि सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं करना चाहती, लेकिन राष्ट्रपति बनने से पहले उनके खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता की मांग को देखते हुए जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संविधान के अनुसार, संसद अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद अगले 90 दिनों तक कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे। इस अवधि के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव कराया जाएगा। विदेश में इलाज के लिए गए अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभालने के लिए समय से पहले स्वदेश लौट आए हैं। शाहाबुद्दीन, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। वर्ष 2024 में छात्र आंदोलन के दौरान हसीना सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद भी वह अपने संवैधानिक पद पर बने रहने वाले एकमात्र शीर्ष पदाधिकारी थे। शेख हसीना 5 अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। पूर्व राष्ट्रपति के इस्तीफे से कुछ दिन पहले ही ऐसी खबरें सामने आई थीं कि उन्होंने हाल ही में शेख हसीना से फोन पर बात की थी, जिससे सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के शीर्ष नेतृत्व में नाराजगी थी। हालांकि, शाहाबुद्दीन ने इन खबरों को निराधार बताया था।