

अंजलि भाटिया
बजट सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस ने संसद में सरकार को घेरने के लिए अपनी रणनीति तय कर ली है। मंगलवार (27 जनवरी 2026) को कांग्रेस की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी ग्रुप की अहम बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी की संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने की। इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम, महासचिव जयराम रमेश, नासिर हुसैन, मानिक टैगोर, मनीष तिवारी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में संसद के दोनों सदनों में फ्लोर मैनेजमेंट और विपक्षी दलों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
कांग्रेस नेताओं ने तय किया कि बजट सत्र के दौरान जनता से जुड़े अहम मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाया जाएगा। पार्टी मनरेगा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), महंगाई, बेरोजगारी, साफ पीने के पानी की कमी, पर्यावरण से जुड़े सवाल, खासकर अरावली क्षेत्र का मुद्दा, विदेश नीति और देश की आर्थिक स्थिति पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। बैठक के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा में सचेतक नासिर हुसैन ने बताया कि पार्टी इन सभी मुद्दों को संसद के केंद्र में लाएगी, ताकि सरकार को जनता की वास्तविक चिंताओं पर जवाब देना पड़े।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने बैठक में खास तौर पर जोर दिया कि मनरेगा, SIR, महंगाई, बेरोजगारी और प्रदूषण जैसे मुद्दों को मजबूती और स्पष्टता के साथ उठाया जाए, ताकि आम लोगों की आवाज संसद में प्रभावी तरीके से सुनी जा सके। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के लिए बुधवार (28 जनवरी 2026) को INDIA गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई गई है। यह बैठक राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद स्थित कार्यालय में होगी।
बजट सत्र का पहला चरण बुधवार से शुरू होगा। इसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद के संयुक्त सत्र में दिए जाने वाले अभिभाषण से होगी। इसके बाद रविवार (1 फरवरी 2026) को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर चर्चा की जाएगी।