मणिपुर में हिंसा पर कांग्रेस हमलावर

मुख्यमंत्री के इस्तीफे और विधानसभा भंग करने की मांग
Imphal
सप्तगिरी उलाका
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इंफाल : मणिपुर में लगातार जारी हिंसा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के तत्काल इस्तीफे, राज्य विधानसभा भंग करने और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए ठोस राजनीतिक एवं प्रशासनिक कदम उठाने की जरूरत है।

सप्तगिरी उलाका ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

मणिपुर के कांग्रेस प्रभारी और सांसद सप्तगिरी उलाका ने महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र और राज्य सरकार पर हिंसा रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने सभी समुदायों के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा हत्या, गोलीबारी, आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की समयबद्ध जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

उलाका ने 19 अक्टूबर को जंगल से जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने गए तीन मैतेई नागरिकों की हत्या का उल्लेख किया। उन्होंने कामजोंग जिले में कुकी और नागा समुदायों के लोगों से जुड़ी हिंसक घटनाओं पर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, 23 अक्टूबर को पांच जिलों में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया।

विस्थापितों की वापसी और शांति बहाली पर जोर

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मई 2023 में जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से लगभग 300 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 60 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। इनमें से लगभग 24 हजार लोग अब भी अपने घरों से दूर हैं।

पार्टी ने पूरे राज्य में सुरक्षित आवागमन बहाल करने, विस्थापित परिवारों की घर वापसी के लिए समयबद्ध योजना बनाने और संघर्षविराम संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। अलका लांबा ने भी भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि हिंसा रुकने और दोषियों को सजा मिलने में लगातार नाकामी दिखाई दे रही है।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने और सभी समुदायों को शामिल करते हुए व्यापक शांति प्रक्रिया शुरू करने की अपील की।

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