दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर सीटू का सचिवालय मार्च

अंडमान में सीटू का प्रदर्शन, नियमितीकरण की मांग तेज
दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर सीटू का सचिवालय मार्च
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केंद्र सरकार की विभिन्न कथित श्रमिक विरोधी और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 10 अगस्त 2026 को देशभर में श्रमिकों और किसानों द्वारा जेल भरो आंदोलन आयोजित किया गया। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी इसी क्रम में दोपहर के समय श्री विजयपुरम में सीटू द्वारा सचिवालय मार्च निकाला गया। सचिवालय मार्च में सैकड़ों श्रमिकों ने भाग लिया। मार्च दिलानिपुर जंक्शन से शुरू हुआ और शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों से गुजरते हुए सचिवालय के प्रवेश द्वार पर पहुंचकर समाप्त हुआ। मार्च के समापन पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सीटू के महासचिव बी. चंद्रचूड़न ने नरेंद्र मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि पिछले बारह वर्षों के दौरान देश में श्रमिक विरोधी नीतियों को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के अधीन कार्यरत दैनिक वेतनभोगी मजदूरों के नियमितीकरण से संबंधित उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश को लागू करने की मांग की। सीटू राज्य समिति के उपाध्यक्ष डी. अय्यप्पन तथा सचिव एस. पी. कलाईराजन ने भी सभा को संबोधित किया। सचिवालय मार्च का नेतृत्व अध्यक्ष आर. सुरेंद्रन पिल्लई तथा सीटू सचिव पी. सत्यपाल, आनंद राजन और एम. युगांधर ने किया। सचिवालय मार्च के दौरान द्वीपों में दैनिक वेतनभोगी मजदूरों के नियमितीकरण, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को समाप्त करने तथा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से वंचित करने सहित विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। डिगलीपुर में सीटू और अखिल भारतीय किसान सभा ने संयुक्त रूप से सहायक आयुक्त कार्यालय के सामने एक बड़े जन प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू डिगलीपुर क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष सुनील बेपारी, सचिव बरुण बिस्वास तथा अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव दिलीप कर्मकार ने किया।

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