चार श्रम संहिताओं के विरोध में सीटू ने अंडमान में मनाया काला दिवस

केंद्र की श्रम नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे श्रमिक
चार श्रम संहिताओं के विरोध में सीटू ने अंडमान में मनाया काला दिवस
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काला दिवस पर श्रमिकों ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर देशभर के श्रमिकों ने 1 अप्रैल 2026 को काला दिवस के रूप में मनाते हुए केंद्र सरकार द्वारा चार श्रम संहिताओं को लागू किए जाने के विरोध में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। पोर्ट ब्लेयर में सीटू अंडमान एवं निकोबार राज्य समिति द्वारा अबर्डीन बाजार स्थित नगर परिषद कार्यालय के सामने एक विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शन का उद्घाटन करते हुए सीटू राज्य समिति के महासचिव बी. चंद्रचूड़न ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने ट्रेड यूनियनों के कड़े विरोध को नजरअंदाज करते हुए इन श्रम संहिताओं को लागू किया है। उन्होंने कहा कि 29 मौजूदा श्रम कानूनों को समाप्त कर सरकार ने इन चार संहिताओं को लागू किया है, जो श्रमिकों के हितों के विरुद्ध और कॉर्पोरेट क्षेत्र के पक्ष में हैं। सभा को संबोधित करते हुए राज्य अध्यक्ष आर. सुरेंद्रन पिल्लै ने कहा कि श्रमिक विरोधी कानूनों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और अंडमान एवं निकोबार के श्रमिक इस लड़ाई में सीटू के साथ मजबूती से खड़े हैं। इस अवसर पर सीटू के सचिव एस.पी. कलैराजन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। प्रदर्शन का नेतृत्व बीसी भट्टाचार्जी, पी. सत्यपाल, आनंद राजन, एम. युगंदर और आर. राजेंद्रन ने किया। हल्की बारिश के बावजूद पोर्ट ब्लेयर के विभिन्न यूनियनों के श्रमिक बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

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