आदमी के दिमाग में लगा दी चिप…अब दिमाग को कंप्यूटर करेगा कंट्रोल

आदमी के दिमाग में लगा दी चिप…अब दिमाग को कंप्यूटर करेगा कंट्रोल
Published on

लंदन : कारोबारी एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक ने दावा किया है कि उसने पहली बार इंसानी दिमाग में एक चिप फिट करने में सफलता हासिल कर ली है। कंपनी ने ऐलान किया है कि इंसानी दिमाग में फिट चिप बीमारियों को पहले ही बता देगी, जिसे कंप्यूटर के माध्यम से कंट्रोल किया जाएगा।मस्क के मुताबिक जिन लोगों में ब्रेन चिप प्रत्यारोपित की गई है, उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। जिस तरह न्यूरोलॉजिकल समस्याएं बढ़ रही हैं दुनिया में इसकी मांग बढ़ेगी। उनकी मस्तिष्क-कंप्यूटर इंटरफेस कंपनी 'न्यूरालिंक' का 'प्राइम' अध्ययन 'पक्षाघात से पीड़ित लोगों के' मस्तिष्क में प्रतिरोपण का परीक्षण कर रहा है ताकि वे अपने विचारों से बाहरी उपकरणों को नियंत्रित कर सकें। 'प्राइम' अध्ययन को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पिछले साल अनुमोदित किया था। इंसानी दिमाग को कंप्यूटर से नियंत्रित करने की एक नयी होड़ शुरू होने जा रही है।

न्यूरालिंक की प्रतिस्पर्धा में चीन ने इंसानी खोपड़ी में ब्रेन चिप्स लगाने जा रहा है, जिसे ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस के नाम से जाना जाएगा। यह इंसानी दिमाग को 'गुलाम' बनाने की तैयारी है। वहीं चीन का कहना है कि हम न्यूरालिंक के टेलीपैथी की तरह ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस बनाने जा रहे हैं। अगले साल की शुरुआत तक कई रेंज के ब्रेन चिप हम तैयार कर लेंगे। हमारा लक्ष्य ब्रेन कंप्यूटर फ्यूजन, ब्रेन चिप्स, ब्रेन कंप्यूटिंग न्यूरॉन मॉडल बनाने का है।चीन ने इसके लिए पिछले साल एक खास लैब खोली थी, जिसमें इंसान की खोपड़ी में लगने वाले ब्रेन चिप्स बनाने पर काम चल रहा है।जिसमें 60 वैज्ञानिक काम कर रहे हैं।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in