CBSE का बड़ा फैसला, अब 9वीं के छात्र किताब खोलकर दे सकेंगे परीक्षा; जानें पूरा मामला

CBSE’s big decision
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कोलकाता: इस बार 9वीं कक्षा के छात्र ओपन बुक असेसमेंट (ओबीए)के माध्यम से परीक्षा दे सकेंगे। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने यह फैसला किया है। यह नियम अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू होने जा रहा है। फिलहाल, यह नियम केवल 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए लागू किया जा रहा है। बाद में यह प्रथा अन्य कक्षाओं के लिए भी शुरू की जा सकती है।

क्या है ओपन बुक असेसमेंट?

अगले शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से शुरू होने वाली इस परीक्षा प्रणाली को ओपन-बुक असेसमेंट (ओबीए) कहा जा रहा है। सीबीएसई ने इस परीक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफएसई) 2023 के अनुरूप शुरू करने की योजना बनाई है।

उनके अनुसार इससे छात्रों में बिना समझे रटने की प्रवृत्ति कम होगी और उनकी विश्लेषणात्मक क्षमता बढ़ेगी। मूल रूप से छात्र इन चार विषयों, भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की परीक्षाओं में अपनी किताबें खोलकर उत्तर लिख सकेंगे। वे परीक्षा के दौरान किसी भी पाठ्यपुस्तक या कक्षा के नोट्स के पन्ने पलट सकेंगे। हालांकि सीबीएसई ने कहा है कि यह परीक्षण विधि अनिवार्य नहीं, बल्कि वैकल्पिक है। परीक्षा कैसे आयोजित की जाएगी, इस पर अंतिम निर्णय स्कूल लेंगे।

2023 में आयोजित की गई थी ‘ओपन-बुक’ परीक्षा

दिसंबर 2023 में, सीबीएसई ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए परीक्षण के तौर पर एक ‘ओपन-बुक’ परीक्षा आयोजित की थी। यह देखा गया कि छात्रों द्वारा प्राप्त अंक 12 से 47 प्रतिशत के बीच थे। इससे पता चलता है कि अधिकांश छात्रों ने अभी तक पाठ्येतर पुस्तकों के उपयोग और पाठ में शामिल विषयों के बारे में स्पष्ट जानकारी विकसित नहीं की है। परिणामस्वरूप, कई लोग मानते हैं कि इस प्रकार की परीक्षण विधि से छात्रों में सुधार होगा। शिक्षक भी इस निर्णय को सकारात्मक मानते हैं।

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