दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बिल्डिंग हादसा: मलबे में दबकर 3 लोगों की दर्दनाक मौत

पुरानी इमारत की जर्जर हालत पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया; जांच टीम मौके पर पहुंचकर हादसे के कारणों की पड़ताल में जुटी
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 16 में गिरी इमारत
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 16 में गिरी इमारत
Published on: 

दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 16 इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां बुधवार को एक निर्माणाधीन इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस भयानक हादसे में मलबे के नीचे दबने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, टीपीडीडीएल और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पूरी रात युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। मलबे को हटाने के दौरान रेस्क्यू टीम ने दो और शव बरामद किए, जिसके बाद इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान चमत्कारिक रूप से 32 वर्षीय मजदूर सद्दाम उर्फ ​​रवि को मलबे से सुरक्षित और जिंदा बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, इस हादसे में 42 वर्षीय दर्जी राम, 24 वर्षीय मजदूर काफे उर्फ नूरुल और इमारत के मालिक के 62 वर्षीय पिता रामदुआ अपनी जान नहीं बचा सके। प्रशासन के मुताबिक, रात भर चले इस ऑपरेशन के बाद अब राहत और बचाव का मुख्य काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन एहतियात के तौर पर मौके से भारी मलबा हटाने की प्रक्रिया अब भी जारी है। स्थानीय पुलिस ने इस भीषण लापरवाही को लेकर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

तेज बारिश बनी काल, ढह गई चार मंजिला निर्माणाधीन इमारत

बुधवार शाम दिल्ली में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान रोहिणी इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत भरभराकर जमींदोज हो गई। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू किया। फायर ब्रिगेड की टीम ने मलबे से तीन लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से दो को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि एक घायल मजदूर का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इस रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक अन्य व्यक्ति को मलबे से बाहर निकाल लिया था, लेकिन अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। इस तरह भारी बारिश के बीच हुए इस दर्दनाक हादसे में कुल तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

मलबे से लोगों को निकालने का काम भले ही खत्म हो गया हो, मगर एहतियात के तौर पर दमकल विभाग की टीमें अब भी दुर्घटनास्थल पर तैनात हैं। यह दर्दनाक हादसा बुधवार की शाम करीब 4:20 बजे सेक्टर-16 में नगर निगम स्कूल के समीप घटित हुआ। नगर निगम की शुरुआती जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस भीषण हादसे की चपेट में आने से जी-4/152 और जी-4/153 नंबर के दोनों प्लॉट पूरी तरह प्रभावित हुए हैं।

प्लंबिंग के काम के दौरान हादसा

बुधवार को हुए इस हादसे के बाद पुलिस, एनडीआरएफ, एमसीडी और राजस्व विभाग जैसी कई एजेंसियों ने भारी मशीनरी की मदद से संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मलबा हटाया। नगर निगम के शुरुआती आकलन के मुताबिक, इस नवनिर्मित इमारत का नक्शा ‘सरल' योजना के तहत पास कराया गया था और हादसे के वक्त इसमें प्लंबिंग (पाइप फिटिंग) का काम चल रहा था। हालांकि, एमसीडी ने साफ किया है कि हादसे की असली वजह विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही सामने आ पाएगी।

इधर, पुलिस ने लापरवाही बरतने के आरोप में बिल्डिंग मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच का मुख्य केंद्र इस बात पर है कि क्या इमारत के निर्माण में स्वीकृत नक्शे और सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in