

हवाना (क्यूबा) : ईंधन भंडार में लगातार कमी और जर्जर होती बिजली वितरण व्यवस्था के बीच सोमवार दोपहर क्यूबा का राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक ग्रिड अचानक पूरी तरह ठप हो गया को पूरे क्यूबा में बिजली गुल हो गई। करीब एक करोड़ की आबादी वाले इस द्वीपीय देश में बिजली अपूर्ति ठप होने की जानकारी सरकारी बिजली कंपनी ‘इलेक्ट्रिक यूनियन’ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर दी। कंपनी ने कहा कि बिजली बाधित होने के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, ऊर्जा एवं खनन मंत्रालय विसेंटे दे ला ओ लेवी ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बिजली गुल होने के कुछ ही घंटों बाद देशभर में छोटे-छोटे विद्युत तंत्र (माइक्रोसिस्टम) चालू कर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि हम जटिल स्थिति का सामना कर रहे हैं, जो हमारे ऊपर लगाए गए ऊर्जा प्रतिबंधों के कारण और गंभीर हो गई है। इसके बावजूद आवश्यक सेवाओं को लगातार चालू रखा गया है। क्यूबा में इस वर्ष जनवरी से ही ईंधन का गंभीर संकट बना हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा क्यूबा को तेल बेचने वाले या उसकी आपूर्ति करने वाले देशों पर शुल्क लगाने की चेतावनी दिए जाने के बाद से देश का आर्थिक और वित्तीय संकट और गहरा गया है।
अमेरिका पर सामाजिक अशांति भड़काने का आरोप
इस बीच, क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल दियाज-कानेल ने अमेरिका पर क्यूबा की ईंधन आपूर्ति को बाधित कर देश में ‘‘सामाजिक अशांति भड़काने’’ का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि ऊर्जा क्षेत्र पर लगाए गए विनाशकारी प्रतिबंध के बीच बिजली कर्मचारियों का कार्य वास्तव में वीरतापूर्ण है। ईंधन संकट के कारण सार्वजनिक परिवहन लगभग ठप हो गया है, वहीं अस्पतालों में हजारों निर्धारित सर्जरी भी रद्द करनी पड़ी हैं। बिजली गुल होने से राजधानी हवाना में लोगों के बीच चिंता का माहौल है। हीं स्थानीय निवासी रिचर्ड वाल्देस ने कहा कि यह बिजली संकट पहले से चली आ रही परेशानियों की एक और कड़ी है। उन्होंने कहा कि फिर से बिजली चली गई है। अब हमारे पास न पानी है, न गैस, और तब तक कुछ नहीं होगा जब तक बिजली बहाल नहीं होती। क्यूबा अपनी कुल ईंधन आवश्यकता का केवल 40 प्रतिशत ही स्वयं उत्पादन करता है। मार्च के अंत में रूस से आए तेल टैंकर द्वारा पहुंचाए गए 7,30,000 बैरल तेल का भंडार भी अप्रैल के अंत तक समाप्त हो गया था।