त्रिपुरा में ग्राम समिति चुनाव साथ लड़ेंगे BJP, टिपरा मोथा और IPFT: माणिक साहा

587 ग्राम समितियों की 4,597 सीटों पर 28 सितंबर को होगा मतदान 5 अक्टूबर को मतगणना
त्रिपुरा में ग्राम समिति चुनाव साथ लड़ेंगे BJP, टिपरा मोथा और IPFT: माणिक साहा
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अगरतला : त्रिपुरा में आगामी टीटीएएडीसी (TTAADC) की ग्राम समिति चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा अपने सहयोगी दलों टिपरा मोथा और आईपीएफटी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शनिवार को अगरतला के एमबीबी हवाईअड्डे पर नई दिल्ली से लौटने के बाद यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भाजपा, टिपरा मोथा और आईपीएफटी के बीच चुनावी तालमेल पर सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री माणिक साहा नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और टिपरा मोथा के प्रमुख प्रद्योत किशोर देबबर्मा के साथ हुई बैठक के बाद अगरतला लौटे। उन्होंने बैठक को फलदायी और रचनात्मक बताया। बैठक में आगामी ग्राम समिति चुनावों में सीटों के तालमेल के साथ-साथ मार्च 2024 में हुए त्रिपक्षीय समझौते को लागू करने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। टीटीएएडीसी क्षेत्र में कुल 587 ग्राम समितियों के लिए चुनाव होने हैं। इनमें 4,597 सीटें शामिल हैं। चुनाव के लिए 28 सितंबर की तारीख निर्धारित है, जबकि मतगणना 5 अक्टूबर को होगी। ये चुनाव महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि करीब एक दशक बाद टीटीएएडीसी क्षेत्र में ग्राम समिति चुनाव होने जा रहे हैं। ग्राम समितियां आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर विकास और प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों में भूमिका निभाती हैं। ऐसे में भाजपा और उसके सहयोगी दलों का संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने का फैसला त्रिपुरा की आदिवासी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

2024 के त्रिपक्षीय समझौते पर भी चर्चा

नई दिल्ली की बैठक में मार्च 2024 में हुए त्रिपक्षीय समझौते के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। टिपरा मोथा लंबे समय से आदिवासी समुदायों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाता रहा है। पार्टी ने पहले स्पष्ट किया था कि किसी भी चुनावी समझौते के लिए आदिवासी लोगों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी ठोस गारंटी जरूरी होगी। अब भाजपा, टिपरा मोथा और आईपीएफटी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा और टिपरा मोथा वर्तमान में त्रिपुरा की सत्ता में सहयोगी हैं। टिपरा मोथा ने मार्च 2024 में राज्य सरकार में शामिल होकर भाजपा के साथ गठबंधन किया था। अब दोनों दलों के साथ आईपीएफटी के एकजुट होकर ग्राम समिति चुनाव लड़ने से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में गठबंधन की चुनावी रणनीति को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब राजनीतिक दल ग्राम समिति चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इससे पहले अगस्त और सितंबर में भाजपा तथा टिपरा मोथा के बीच चुनावी गठबंधन और सीटों के तालमेल को लेकर लगातार बातचीत चल रही थी।

टीटीएएडीसी में राजनीतिक मुकाबला महत्वपूर्ण

ग्राम समिति चुनावों को टीटीएएडीसी क्षेत्र में जमीनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। अप्रैल 2026 में हुए टीटीएएडीसी के आम चुनाव में टिपरा मोथा ने 28 में से 24 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि भाजपा को चार सीटें मिली थीं। ऐसे में आगामी ग्राम समिति चुनावों में भाजपा, टिपरा मोथा और आईपीएफटी का संयुक्त रूप से मैदान में उतरना पिछले चुनावी समीकरणों से अलग नई राजनीतिक रणनीति को दर्शाता है। तीनों दलों के एक साथ चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद अब सबसे अधिक नजर सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन पर रहेगी। ग्राम समिति चुनावों में स्थानीय मुद्दे, आदिवासी भूमि अधिकार, विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं प्रमुख चुनावी मुद्दे बन सकते हैं। 28 सितंबर को होने वाले मतदान और 5 अक्टूबर को आने वाले नतीजों से यह भी स्पष्ट होगा कि भाजपा-टिपरा मोथा-आईपीएफटी गठबंधन टीटीएएडीसी के जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है।

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