

न्यूयॉर्क : अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी चोरी के पीछे उत्तर कोरिया के हैकर्स का हाथ बताया है। एजेंसी के मुताबिक, इस सप्ताह बाइनेंस क्रिप्टो एक्सचेंज पर हुए साइबर हमले में महज कुछ मिनटों के भीतर बिटकॉइन और अन्य डिजिटल मुद्राओं के रूप में 6.3 अरब डॉलर की चोरी की गई।
एफबीआई ने इस हमले को उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर समूह 'ट्रेडरट्रेटर' की गतिविधि बताया है। इसी समूह पर पिछले साल बायबिट से 1.5 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी करने का भी आरोप है।
एजेंसी ने क्रिप्टो एक्सचेंजों, ब्लॉकचेन विश्लेषण कंपनियों और संबंधित पक्षों से संदिग्ध डिजिटल वॉलेट से जुड़े लेनदेन रोकने की अपील की है। एफबीआई के अनुसार, हैकर्स चोरी की गई डिजिटल संपत्तियों को मुख्य रूप से इथेरियम में बदल रहे हैं, ताकि उनकी पहचान और स्रोत छिपाया जा सके।