

न्यूयॉर्क : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खाड़ी, लाल सागर और काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों व नाविकों पर लगातार हो रहे हमलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं अब असाधारण नहीं रह गई हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेयरर्स’ की पहली बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत और लाइबेरिया ने समुद्री परिवहन तथा नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने के लिए यह पहल की है। उन्होंने ओमान की खाड़ी में एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाले बल्क कैरियर एमवी केप डाओ पर हालिया हमले का जिक्र किया, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एल गैया पर हमले का भी उल्लेख किया, जिसके बाद एक भारतीय चालक दल का सदस्य लापता हो गया। जयशंकर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में खाड़ी और लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को बार-बार निशाना बनाया गया है। काला सागर में एमवी ओमॉर्फी और एमवी गोल्डन लियो समेत नागरिक जहाजों पर हमलों का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने समुद्री मार्गों और नाविकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया।