स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर असम राइफल्स का जोर

आयोजित किए कई कार्यक्रम

स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर असम राइफल्स का जोर
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कोहिमा : असम राइफल्स ने 2 से 4 सितंबर के बीच नागालैंड के विभिन्न जिलों में समुदाय-केंद्रित कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की। इन पहलों के जरिए बल ने ‘स्वयं से पहले सेवा’ के अपने मूल मंत्र को दोहराते हुए सामुदायिक कल्याण, युवा सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक-सैन्य सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रमों में चिकित्सा सहायता, स्वच्छता जागरूकता, खेल सामग्री वितरण, बच्चों के स्वास्थ्य की जांच, बचाव अभियान और बड़े पैमाने पर पौधरोपण जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। 4 सितंबर को असम राइफल्स ने पेरेन जिले के तेनिंग सब-डिवीजन स्थित ओल्ड नगाउलोंग लोधी गांव में सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), तेनिंग के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में ग्राम परिषद को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। साथ ही स्थानीय युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से खेल सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम में ग्राम प्रशासन के सदस्यों सहित करीब 80 ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। चिकित्सा शिविर के दौरान ग्रामीणों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर बातचीत की गई। इस दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ-सफाई, मौसमी बीमारियों से बचाव और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के महत्व पर जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। वहीं, खेल सामग्री के वितरण का उद्देश्य युवाओं में टीम भावना, शारीरिक फिटनेस और स्वस्थ गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाना रहा।

45 छात्रों की हुई स्वास्थ्य जांच

इसी दिन असम राइफल्स ने असम राइफल्स पब्लिक स्कूल (ARPS), चिस्वेमा के विद्यार्थियों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच और मेडिकल स्क्रीनिंग भी आयोजित की। इस पहल से कुल 45 छात्र लाभान्वित हुए। स्वास्थ्य जांच के दौरान विद्यार्थियों के सामान्य स्वास्थ्य मानकों का आकलन किया गया और शारीरिक परीक्षण किया गया। जांच के दौरान सामने आए ऐसे स्वास्थ्य संबंधी मामलों की पहचान की गई, जिन पर आगे विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है। छात्रों को व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित पोषण, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त आराम और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों के शुरुआती वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और नियमित निगरानी के महत्व पर भी जोर दिया गया।

चेंदांग में स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल पर जागरूकता

इससे पहले 2 सितंबर को असम राइफल्स ने चेंदांग गांव में स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया। जवानों ने ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के इस्तेमाल, पानी को शुद्ध करने के तरीकों, घरेलू स्वच्छता और उचित कचरा प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। जलजनित और संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी एहतियाती उपायों पर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों को स्वस्थ स्वच्छता आदतें अपनाने तथा अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने के लिए प्रेरित किया गया। लगातार बारिश के बाद मिमी में उफनते फुजुत्सु नाले में फंसे तीन स्थानीय लोगों को भी असम राइफल्स के जवानों ने सुरक्षित बचाया। सूचना मिलते ही जवान जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का आकलन करने के बाद बचाव अभियान शुरू किया। तेज बहाव के कारण जोखिम के बावजूद जवानों ने फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। समय पर की गई कार्रवाई से संभावित गंभीर हादसा टल गया। इस अभियान ने आपात परिस्थितियों में स्थानीय लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की बल की भूमिका को भी रेखांकित किया।

बच्चों के घर पहुंचकर बढ़ाया आत्मविश्वास

असम राइफल्स के जवानों ने शेमेटर स्थित गैस्पर और इमैनुएल चिल्ड्रन होम का भी दौरा किया। इस दौरान बच्चों के साथ प्रेरक बातचीत की गई और उन्हें साहस, अनुशासन, दृढ़ता तथा समर्पण से जुड़े अनुभव और कहानियां सुनाई गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करना तथा उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ अपनी आकांक्षाओं की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। इस संवाद से स्थानीय समुदाय और असम राइफल्स के बीच विश्वास एवं सद्भावना को मजबूत करने में भी मदद मिली। 2 सितंबर को मोन जिले के वांगती गांव में भी असम राइफल्स ने स्थानीय ग्रामीणों, ग्राम रक्षकों और जवानों की भागीदारी से सफाई एवं स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के दौरान गांव और उसके आसपास सफाई की गई। ग्रामीणों को दैनिक जीवन में स्वच्छता बनाए रखने, कचरे का उचित निपटान करने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए जागरूक किया गया। इस सामूहिक अभियान ने स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों को साझा सामाजिक उद्देश्य के लिए साथ काम करने का अवसर दिया। इससे आपसी सहयोग, विश्वास और सामुदायिक भावना को बढ़ावा मिला।

चार स्थानों पर लगाए गए 1,114 पौधे

पर्यावरण संरक्षण के तहत मेलुरी जिले के अखेन, जिफू, अवंगखु और न्यू थेवाती में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। इस दौरान स्थानीय समुदाय के 273 सदस्यों की सक्रिय भागीदारी से कुल 1,114 पौधे लगाए गए। अभियान के दौरान लोगों को वृक्षारोपण के दीर्घकालिक फायदे, मृदा संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। स्थानीय लोगों की भागीदारी ने इस पहल को सामुदायिक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण का स्वरूप दिया। असम राइफल्स की इन गतिविधियों में स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा कल्याण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आपदा के समय सहायता जैसे विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया। बल की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों का व्यापक उद्देश्य स्थानीय समुदायों के साथ संपर्क बढ़ाने और नागरिक-सैन्य सहयोग को मजबूत करना रहा। इन पहलों के माध्यम से असम राइफल्स ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि सुरक्षा दायित्वों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के कल्याण और विकास में भागीदारी भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।


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