नौवीं के छात्रों को फिर मिलेगी मुफ्त साइकिल

असम कैबिनेट के बड़े फैसले : ग्रीन सेस नीति मंजूर

नौवीं के छात्रों को फिर मिलेगी मुफ्त साइकिल
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गुवाहाटी : असम सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में पर्यावरण संरक्षण से लेकर खेल, शिक्षा और सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति तक कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में दिसपुर में हुई बैठक के बाद उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने ‘असम ग्रीन सेस पॉलिसी, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करने वाले चिन्हित क्षेत्रों पर ग्रीन सेस लगाने का ढांचा तैयार किया जाएगा। इससे मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल तटबंधों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के साथ-साथ सौर ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जाएगा।

‘खेल महारन’ 1 नवंबर से 23 जनवरी तक

कैबिनेट ने राज्यभर में ‘खेल महारन’ आयोजित करने का भी फैसला किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार इस वर्ष यह आयोजन 1 नवंबर से शुरू होकर 23 जनवरी तक चलेगा। प्रतियोगिताओं की शुरुआत ग्राम पंचायत स्तर से होगी और विभिन्न चरणों से गुजरते हुए राज्य स्तरीय मुकाबले गुवाहाटी में आयोजित किए जाएंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम 18 से 23 जनवरी तक होंगे। इस बार योग को भी खेल महारन में शामिल किया गया है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए अलग से ‘शिशु खेल महारन’ आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि चयनित करीब 300 बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। साथ ही उनकी खेल प्रतिभा को विकसित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का मानना है कि कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उचित प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने से असम के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

नौवीं कक्षा के छात्रों को फिर मिलेगी मुफ्त साइकिल

कैबिनेट ने स्कूली छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहल के तहत नौवीं कक्षा के छात्रों को फिर से मुफ्त साइकिल दी जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों के लिए स्कूल तक पहुंच आसान बनाना है। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी कैबिनेट ने पदोन्नति संबंधी महत्वपूर्ण फैसला किया है। असम सचिवालय में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों के प्रमोशन के लिए आवश्यक प्रतीक्षा अवधि चार वर्ष से घटाकर तीन वर्ष कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे सरकारी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को गति देना और खाली पदों को भरकर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। सरमा ने कहा कि यह कदम राज्य सरकार के अगले पांच वर्षों में दो लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने के वादे को पूरा करने में भी मदद करेगा। इस संबंध में कमिश्नरों और डायरेक्टरों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी।

पूर्व सैनिकों के लिए सरकारी नौकरी की उम्र सीमा 45 वर्ष

कैबिनेट ने सशस्त्र बलों से सेवानिवृत्त हुए असम के निवासियों के लिए सरकारी नौकरी में आवेदन की अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाने को भी मंजूरी दी है। अब ऐसे पूर्व सैनिक 45 वर्ष की उम्र तक सरकारी नौकरी के लिए पात्र होंगे। सरकार के इस फैसले से सेना और अन्य सशस्त्र बलों से सेवानिवृत्त होने वाले असम के लोगों को राज्य की सरकारी सेवाओं में आने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य के पुलिस थानों और सरकारी कार्यालयों में सक्रिय कथित बिचौलियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की भी जानकारी दी। सरमा ने स्पष्ट किया कि किसी भी बिचौलिए का पुलिस थाने से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2022 में पुलिस थानों में कथित तौर पर बिचौलियों की भूमिका निभाने वाले करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से करीब एक साल पहले इस तरह की गतिविधियां फिर से बढ़ने लगी थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए एक साल से अधिक समय तक विभिन्न स्तरों पर पूछताछ की और पत्रकारों समेत अलग-अलग वर्गों से मिली सूचनाओं को भी एकत्र किया।

410 संदिग्ध बिचौलियों की पहचान, 380 गिरफ्तार

सरमा के अनुसार, राज्यभर में 410 कथित बिचौलियों के बारे में जानकारी जुटाई गई है, जिनमें से अब तक 380 को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई को अब केवल पुलिस थानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि दूसरे सरकारी कार्यालयों तक भी इसका विस्तार किया जाएगा। अभियान के अगले चरण में सचिवालय, डायरेक्टरेट, जिला परिवहन कार्यालय (DTO) और ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालयों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में कार्रवाई पहले ही शुरू हो चुकी है। सरकार अब आम लोगों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस पोर्टल के माध्यम से लोग सरकारी कार्यालयों में सक्रिय कथित बिचौलियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए किसी बिचौलिए पर निर्भर होने से बचाना और प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाना है।

पर्यावरण से रोजगार तक कई मोर्चों पर फैसले

असम कैबिनेट के सोमवार के फैसलों को देखें तो सरकार ने एक साथ कई क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है। ग्रीन सेस नीति के जरिए पर्यावरणीय परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने, खेल महारन के माध्यम से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, नौवीं कक्षा के छात्रों को मुफ्त साइकिल देने, सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया तेज करने और पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे फैसले किए गए हैं। वहीं, सरकारी कार्यालयों और पुलिस थानों में कथित बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई को व्यापक बनाने तथा शिकायतों के लिए पोर्टल शुरू करने की घोषणा प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की दिशा में सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।


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