धनिखाड़ी बांध का जलस्तर घटने पर प्रशासन ने जल संरक्षण की अपील की

धनिखाड़ी बांध और अन्य जल स्रोतों में गिरा जल स्तर
धनिखाड़ी बांध का जलस्तर घटने पर प्रशासन ने जल संरक्षण की अपील की
Published on

कम वर्षा से उत्पन्न स्थिति, पिछले पांच वर्षों में सबसे कम वर्षा दर्ज

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह प्रशासन ने धनिखाड़ी बांध सहित प्रमुख जल स्रोतों में जल स्तर में गिरावट को देखते हुए श्री विजयापुरम के निवासियों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील जारी की है। वर्तमान स्थिति इस वर्ष उत्तर-पूर्व मानसून (नवंबर से फरवरी) के दौरान अपेक्षाकृत कम वर्षा होने के कारण उत्पन्न हुई है। इस अवधि में धनिखाड़ी क्षेत्र में दर्ज वर्षा पिछले पांच वर्षों में सबसे कम रही है, जिससे श्री विजयापुरम मुख्यालय क्षेत्र में जल उपलब्धता में भी कमी आई है। इसका सीधा प्रभाव धनिखाड़ी बांध और अन्य सहायक जल स्रोतों के भंडारण स्तर पर पड़ा है। कम जल प्रवाह और सीमित भंडार को देखते हुए प्रशासन ने जल संरक्षण में सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। निवासियों से अपील की गई है कि वे पानी की बर्बादी से बचें, दैनिक गतिविधियों में जल बचत के उपाय अपनाएं और उपलब्ध संसाधनों का कुशल एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें। पिछले दो वर्षों के दौरान विभाग ने श्री विजयापुरम मुख्यालय क्षेत्र में जल आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं, जिनमें रटलैंड फेज-II परियोजना भी शामिल है, जिसके लिए 20.36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आगामी वर्ष के लिए 30.00 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

इसके अलावा, आम जनता से जल आपूर्ति नेटवर्क में किसी भी प्रकार के रिसाव या बर्बादी की सूचना तुरंत देने का अनुरोध किया गया है। समय पर सूचना मिलने से संबंधित अधिकारी त्वरित सुधारात्मक कदम उठा सकेंगे और इस महत्वपूर्ण संसाधन की अनावश्यक हानि को रोका जा सकेगा। ऐसी शिकायतें अंडमान लोक निर्माण विभाग (एपीडब्ल्यूडी) के दूरभाष नंबर 251185 या श्री विजयापुरम नगर परिषद (एसवीपीएमसी) के नंबर 231179 पर दर्ज कराई जा सकती हैं। प्रशासन ने दोहराया है कि इस महत्वपूर्ण समय में जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, ताकि सभी निवासियों को समान रूप से जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। वर्तमान चुनौती से निपटने और भविष्य के लिए जल संसाधनों की सुरक्षा में जनसहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in