

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : महानगर में संशोधित मतदाता सूची जारी होने के अगले ही दिन राजनीतिक हलचल तेज हो गई। सूची में 63.7 लाख मतदाताओं के नाम ‘डिलीट’ किए जाने और 60 लाख से अधिक नाम ‘अंडर एडजुडिकेशन’ में रखे जाने के बाद विधायक, पार्षद और विभिन्न दलों के कार्यकर्ता प्रभावित लोगों तक पहुंचने लगे। वे घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म-6 भरने में मदद कर रहे हैं, ताकि उनके नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल हो सकें।
रासबिहारी के टीएमसी विधायक देबाशीष कुमार ने बताया कि शनिवार रात से ही उनके टीमों ने काम शुरू कर दिया था। कार्यकर्ताओं को अलग-अलग समूहों में बांटकर प्रभावित मतदाताओं तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई है। वे फॉर्म-6 की प्रतियां लेकर लोगों के घर जा रहे हैं और नई आवेदन प्रक्रिया समझा रहे हैं। दक्षिण कोलकाता के बेहला में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बाद तुरंत सक्रियता बढ़ गई। बेहाला ईस्ट में 374 नए नाम ‘डिलीट’ और 9,102 नाम ‘अंडर एडजुडिकेशन’ में रखे गए, जबकि बेहाला वेस्ट में 1,006 नाम हटाए गए और 11,000 से अधिक मतदाता जांच सूची में हैं।
विधायक रत्ना चटर्जी ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता प्रभावित लोगों से संपर्क कर उन्हें दोबारा सूची में नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन फॉर्म-6 भरने में मदद कर रहे हैं। रविवार को शहरभर में जनप्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए SIR हेल्प डेस्क के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। प्रतापादित्य रोड पर टीएमसी सांसद माला रॉय के शिविर में लोग फॉर्म भरते नजर आए। चेतला की दीप्ति सरदार और भवानीपुर के प्रमोद कुमार प्रसाद ने सुनवाई में दस्तावेज देने के बावजूद नाम हटने पर हैरानी जताई और दोबारा आवेदन की बात कही। कई मतदाताओं ने दावा किया कि सुनवाई में दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनके नाम हट गए। अब वे फॉर्म-6 के जरिए दोबारा सूची में नाम दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं। इस संबंध में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा, हमने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे लोगों को DEO से अपील करने और फॉर्म 6 भरने में मदद करें। घबराएं नहीं। हम पहले ही 162 लोगों को खो चुके हैं। अब और किसी को खोने नहीं देंगे।