एच-1बी वीजा धारकों के रिकॉर्ड की एआई से जांच की आशंका

एआई की मदद से आवेदनों में दर्ज जानकारियों की विसंगतियों का पता लगा सकते हैं।
Apprehensions of AI-based scrutiny of H-1B visa holders' records
एच-1बी वीजा
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वाशिंगटन : अमेरिका में एच-1बी वीजा धारकों और उनके नियोक्ताओं के आव्रजन रिकॉर्ड की जांच सख्त हो सकती है। कानूनी फर्म वॉम्बल बॉन्ड डिकिंसन ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी अधिकारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से आवेदनों में दर्ज जानकारियों की विसंगतियों का पता लगा सकते हैं। फर्म के अनुसार, कर्मचारियों के आवासीय पते और नियोक्ताओं की ओर से वीजा याचिका में दर्ज कार्यस्थल की जानकारी में अंतर होने पर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित हो सकता है। यह जोखिम खासकर उन कर्मचारियों के लिए है, जो घर से काम करते हैं या नौकरी जारी रखते हुए अपना निवास बदलते हैं। अमेरिका में पता बदलने पर संबंधित कर्मचारी को नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) को फॉर्म एआर-11 के जरिये सूचना देनी होती है। वहीं, कार्यस्थल में कुछ बदलाव होने पर नियोक्ता को संशोधित याचिका भी दाखिल करनी पड़ सकती है। फर्म ने कहा कि रिकॉर्ड में विसंगति मिलने का अर्थ अपने आप धोखाधड़ी नहीं है। ऐसे में सही दस्तावेज और समय पर सूचना देना महत्वपूर्ण है।

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