

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम – डिगलीपुर के सहायक आयुक्त संतोष प्रकाश ने 29 अक्टूबर को वन विभाग, पुलिस विभाग तथा अंडमान एवं लक्षद्वीप बंदरगाह निर्माण कार्य विभाग के अधिकारियों के साथ सागर द्वीप गांव का दौरा किया। इस दौरान नए नौका घाट को गांव की आबादी से जोड़ने वाली भूमि का संयुक्त सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थल की मौजूदा परिस्थितियों का आकलन करना तथा नए नौका घाट से गांव की बस्ती तक संपर्क सुविधा विकसित करने की संभावनाओं की जांच करना था।
संयुक्त सर्वेक्षण में संबंधित विभागों के अधिकारियों की भागीदारी का उद्देश्य स्थल का समन्वित रूप से निरीक्षण करना तथा संपर्क सुविधा विकसित करने के लिए आगे की आवश्यक कार्रवाई को सुगम बनाना था। अधिकारियों ने संबंधित भूमि की स्थिति का जायजा लेते हुए नए नौका घाट और गांव के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन किया।
गांव के दौरे के दौरान सहायक आयुक्त ने विभिन्न जनसेवा संस्थानों का भी निरीक्षण किया। इनमें पुलिस चौकी, स्वास्थ्य उपकेंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र तथा सरकारी माध्यमिक विद्यालय, सागर द्वीप शामिल रहे। उन्होंने इन संस्थानों के कामकाज की स्थिति का जायजा लिया तथा स्थानीय निवासियों को उपलब्ध कराई जा रही आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।
सरकारी माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त ने विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं तथा विद्यार्थियों को दी जा रही अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में भी पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे मध्याह्न भोजन की व्यवस्था का विशेष रूप से जायजा लिया।
सहायक आयुक्त ने विद्यालय की रसोई का भी निरीक्षण किया और विद्यार्थियों को दिए जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने भोजन तैयार करने की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित सुविधाओं का निरीक्षण किया।
इस दौरे के दौरान संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित सदस्य भी सहायक आयुक्त के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों के इस संयुक्त दौरे का उद्देश्य गांव में संपर्क सुविधाओं के विकास के साथ-साथ विभिन्न जनसेवा संस्थानों के कामकाज और स्थानीय निवासियों को मिल रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना रहा।