भास्कर ने जिरकटांग से मिडिल स्ट्रेट मार्ग के खतरनाक पेड़ हटाने की मांग उठाई

वन विभाग को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई का किया आग्रह
जिरकटांग से मिडिल स्ट्रेट मार्ग पर खतरनाक पेड़ों की स्थिति दर्शाती फाइल तस्वीर।
जिरकटांग से मिडिल स्ट्रेट मार्ग पर खतरनाक पेड़ों की स्थिति दर्शाती फाइल तस्वीर।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम – अंडमान एवं निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अभियान समिति के अध्यक्ष जी. भास्कर ने जिरकटांग जांच चौकी से मिडिल स्ट्रेट नौका घाट तक जाने वाले काफिले के मार्ग पर मौजूद खतरनाक पेड़ों को हटाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के पर्यावरण एवं वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर जनसुरक्षा के मद्देनजर तत्काल आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।

अपने पत्र में भास्कर ने काफिले के मार्ग पर खड़े खतरनाक पेड़ों से उत्पन्न गंभीर सुरक्षा संबंधी चिंताओं की ओर विभाग का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में इस मार्ग पर अक्सर पेड़ गिर जाते हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और यात्रियों तथा पर्यटकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गिरे हुए पेड़ों को सड़क से हटाने में कई घंटे लग जाते हैं, जिसके कारण काफिले में शामिल वाहनों को लंबे समय तक रुकना पड़ता है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को घने जंगल के बीच मोबाइल नेटवर्क की सुविधा के बिना फंसे रहना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और अधिक बढ़ जाती है।

उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें पेड़ सीधे वाहनों के ऊपर गिर गए और इससे वाहनों को नुकसान पहुंचा। ऐसी घटनाएं वाहन चालकों और यात्रियों के जीवन एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं के बाद केवल गिरे हुए पेड़ों को हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पहले से ही प्रभावी एहतियाती कदम उठाना आवश्यक है।

भास्कर ने वन विभाग से जिरकटांग से मिडिल स्ट्रेट तक के पूरे मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराने तथा ऐसे पेड़ों की पहचान करने का आग्रह किया है, जो सूख चुके हैं, सड़ रहे हैं, कमजोर स्थिति में हैं अथवा किसी भी समय गिर सकते हैं। उन्होंने ऐसे सभी खतरनाक पेड़ों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।

इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि पेड़ों को हटाने का कार्य निर्धारित काफिला संचालन समय के दौरान नहीं किया जाए, बल्कि उस समय कराया जाए जब इस मार्ग पर काफिले की आवाजाही बंद रहती है। इससे काफिला संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होगी और आम यात्रियों को भी अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। उन्होंने इस कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए पुलिस विभाग के साथ आपसी समन्वय स्थापित करने का भी सुझाव दिया।

अंत में भास्कर ने वन विभाग से इस मामले को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हुए जल्द से जल्द आवश्यक निवारक कदम उठाने का आग्रह किया, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके और इस मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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