रक्तदान मानवता और राष्ट्रीय एकता का जीवंत प्रतीक है उपराज्यपाल

पर्यटन दिवस पर आयोजित हुआ रक्तदान शिविर
विश्व पर्यटन दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित रक्तदान शिविर में उपराज्यपाल संबोधित करते हुए।
विश्व पर्यटन दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित रक्तदान शिविर में उपराज्यपाल संबोधित करते हुए।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम – 26 सितंबर

विश्व पर्यटन दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर पर्यटन विभाग ने अंडमान पर्यटन संचालक संघ के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस अवसर पर अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान राष्ट्रीय एकता और मानवता के सबसे महान तथा जीवंत प्रतीकों में से एक है।

उपराज्यपाल ने कहा कि रक्त का कोई जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र नहीं होता। संकट के समय एक व्यक्ति द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद दूसरे व्यक्ति का जीवन बचा सकता है, जिससे समाज में एकता, भाईचारे और मानवीय करुणा का मजबूत संदेश जाता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का कोई व्यक्ति रक्तदान कर सकता है और वही रक्त बंगाल के किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचा सकता है। उन्होंने कहा कि यह भारत की विविधता में एकता की वास्तविक भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल जीवन बचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि दिलों को जोड़ने और राष्ट्र की एकता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम भी है।

उपराज्यपाल ने इस मानवीय पहल के लिए आयोजकों को बधाई दी और कहा कि ऐसे रक्तदान शिविर पूरे द्वीपसमूह में आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और मत्स्य पालन सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज किया जाएगा और उन्हें शीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह महत्वपूर्ण योगदान देगा, जिसमें पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के समान अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह को विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पर्यटन स्थलों के विकास के साथ-साथ समुद्री विमान सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा और उड़ान योजना के माध्यम से द्वीपों के बीच संपर्क को और बेहतर किया जाएगा। द्वीपसमूह के लिए हवाई संपर्क को सुविधाजनक बनाने और ऊंचे हवाई किराये की समस्या के समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उपराज्यपाल ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर स्थानीय कला, संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि भारत तथा विदेशों से आने वाले पर्यटक द्वीपसमूह की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सकें। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विस्तार से न केवल आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

उन्होंने लोगों से सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से स्वच्छता ही सेवा अभियान को जन आंदोलन में बदलने की अपील की और सभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए स्वच्छता मंत्र को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपने घर, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छ, सुंदर और विकसित अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

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