रामनगर पंचायत प्रधान ने मुख्य सचिव से उठाए विकास संबंधी मुद्दे

भूमि विवाद, रोजगार और मछुआरों की समस्याओं पर चर्चा
रामनगर ग्राम पंचायत के प्रधान मितुन दास और सरपंच अरुण बिस्वास की मुख्य सचिव से मुलाकात की तस्वीर।
रामनगर ग्राम पंचायत के प्रधान मितुन दास और सरपंच अरुण बिस्वास की मुख्य सचिव से मुलाकात की तस्वीर।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम -- रामनगर ग्राम पंचायत के प्रधान मितुन दास ने रामनगर के सरपंच अरुण बिस्वास के साथ अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह प्रशासन के मुख्य सचिव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने रामनगर तथा व्यापक डिगलीपुर क्षेत्र के कल्याण, आजीविका और समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधियों ने लंबे समय से लंबित समस्याओं को मुख्य सचिव के समक्ष रखते हुए उनके समयबद्ध समाधान के लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की।

बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने कृषि भूमि से संबंधित लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने रामनगर में 20 दिसंबर 2002 को जारी कृषि भूमि पर कब्जा रखने के अनुज्ञापत्र से संबंधित 12 लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की। ये मामले 1978 से पहले वन भूमि पर कब्जे से संबंधित हैं। प्रतिनिधियों ने डिगलीपुर में इसी प्रकार लंबित अन्य मामलों का भी शीघ्र समाधान करने का अनुरोध किया, ताकि प्रभावित भूमि धारकों को राहत मिल सके और वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता दूर हो सके।

बैठक में स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। प्रतिनिधियों ने वन और वन्यजीव विभागों में मौसमी श्रमिकों की नियुक्ति के लिए पारदर्शी प्रक्रिया निर्धारित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रिक्त पदों, पात्रता मानदंडों और चयन प्रक्रिया के बारे में समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे युवाओं को रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने में सुविधा होगी तथा नियुक्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

प्रतिनिधियों ने पंचायत राज संस्थाओं के अंतर्गत छोटे निर्माण एवं विकास कार्यों को दोबारा शुरू करने की मांग भी रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं द्वारा गठित पात्र सहकारी समितियों के माध्यम से ऐसे कार्यों को शुरू किया जाए। इससे युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे तथा जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पंचायत स्तर पर आवश्यक छोटे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में भी सहायता प्राप्त होगी।

रामनगर समुद्र तट की खाड़ी में फ्लोटिंग जेटी के निर्माण का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। प्रतिनिधियों ने मछुआरा समुदाय के लिए प्रस्तावित उच्च घनत्व पॉलीथीन से निर्मित फ्लोटिंग जेटी का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने का अनुरोध किया। इस परियोजना के लिए मत्स्य और वन विभागों द्वारा संयुक्त स्थल सर्वेक्षण किया जा चुका है। प्रतिनिधियों ने बताया कि इस सुविधा के विकसित होने से मछुआरों को मछली पकड़ने से जुड़ी गतिविधियों में अधिक सुरक्षा और सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय मछुआरा समुदाय की आजीविका को भी सहायता मिलने की उम्मीद है।

पुराने भूमि अभिलेखों में मौजूद विसंगतियों को दूर करने के लिए रामनगर के सभी राजस्व गांवों का व्यापक पुनः सर्वेक्षण कराने की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि पुराने अभिलेखों में दर्ज विवरण, सीमाओं से जुड़े विवाद और वर्षों के दौरान प्राकृतिक प्रक्रियाओं से हुए बदलावों के कारण भूमि संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में नए सिरे से सर्वेक्षण कराना आवश्यक है, ताकि अभिलेखों को वास्तविक स्थिति के अनुरूप अद्यतन किया जा सके और भूमि धारकों को होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।

इसके अतिरिक्त बेरोजगार अभियंताओं को ठेकेदार के रूप में काम करने का अवसर उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया। प्रतिनिधियों ने अंडमान लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत ठेकेदारों के पंजीकरण के लिए पात्रता मानदंडों में छूट देने अथवा नए सिरे से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि स्नातक और डिप्लोमा प्राप्त पात्र बेरोजगार अभियंताओं को पूर्व कार्य अनुभव नहीं होने के कारण ठेकेदार के रूप में पंजीकरण कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पात्रता में आवश्यक छूट मिलने से ऐसे युवाओं को स्वरोजगार अपनाने और अपनी तकनीकी योग्यता का उपयोग करने का अवसर मिल सकेगा।

रामनगर के विकास और पर्यटन की संभावनाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखने के लिए प्रधान ने मुख्य सचिव को रामनगर आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया। उन्होंने विशेष रूप से नीला ध्वज समुद्र तट की प्रायोगिक परियोजना के स्थल का दौरा करने का अनुरोध किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि रामनगर की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देकर स्थानीय निवासियों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। साथ ही पर्यटन विकास को पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता के अनुरूप आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन दिया और अनुकूल परिणाम मिलने की उम्मीद जताई। प्रतिनिधियों ने उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनने तथा रामनगर और वहां के लोगों की विकास संबंधी आवश्यकताओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए आभार व्यक्त किया।

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