

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- बम्बूफ्लैट पुलिस थाने ने राजीव नगर, बम्बूफ्लैट निवासी 60 वर्षीय मदिद सिंह उर्फ राम सिंह के लापता होने के मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। जांच के दौरान यह मामला बाद में हत्या के मामले में बदल गया। बम्बूफ्लैट पुलिस थाने की जांच टीम द्वारा लगातार क्षेत्रीय जांच, तकनीकी विश्लेषण, गवाहों से पूछताछ तथा भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के संग्रह के माध्यम से इस मामले का पता लगाया गया।
26 सितंबर 2026 को मदिद सिंह के लापता होने के संबंध में उनकी पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि वह 25 सितंबर 2026 को काम के लिए घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। इसके बाद बाम्बूफ्लैट पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और मामले की जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान संबंधित दूरभाष अभिलेख, ग्राहक विवरण अभिलेख तथा अन्य तकनीकी सूचनाओं के विश्लेषण से जांच टीम को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन सुरागों के आधार पर शेख साबिर नामक एक संदिग्ध की पहचान की गई। पूछताछ और आगे की जांच के दौरान इस अपराध से कथित रूप से जुड़े अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता भी सामने आई, जिनमें प्रदीप सिंह, सुमित कुजूर तथा एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल थे।
2 अक्टूबर 2026 को हत्या में शामिल सभी आरोपियों को आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया गया। आगे की जांच के दौरान पुलिस टीम ने मृतक का शव जिंगा नाला, माइल तिलक से सड़ी-गली अवस्था में बरामद किया। इसके बाद मृतक के शव को शव परीक्षण के लिए जी.बी. पंत अस्पताल भेजा गया। अपराध में कथित रूप से इस्तेमाल किए गए वाहनों और हथियारों को भी जब्त कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
पुलिसकर्मियों को तीन टीमों में विभाजित किया गया था, जिनमें तकनीकी विश्लेषण, आरोपियों की तलाश एवं गिरफ्तारी तथा क्षेत्रीय खुफिया जानकारी एकत्र करने वाली टीमें शामिल थीं।
मामले की जांच बम्बूफ्लैट के उपमंडल पुलिस अधिकारी दीपेंद्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में की गई।
दक्षिण अंडमान जिला पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि से संबंधित विश्वसनीय जानकारी पुलिस के साथ सक्रिय रूप से साझा करें।