

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के सांसद बिष्णु पद रे ने द्वीपों में समुद्री परिवहन व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 13 जेटियों के पुनर्निर्माण, चार नए यात्री एवं मालवाहक जहाजों की खरीद तथा बम्बूफ्लाट में पोत निर्माणशाला स्थापित करने से जुड़े महत्वपूर्ण लंबित मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है।
सांसद ने हाल ही में ओडिशा के पुरी में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान उन्होंने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की समुद्री अवसंरचना तथा अंतरद्वीपीय जहाज सेवाओं से संबंधित तीन महत्वपूर्ण लंबित विषयों पर विशेष जोर दिया।
सांसद बिष्णु पद रे ने मंत्रालय से अनुरोध किया कि द्वीपसमूह की 13 जेटियों के तत्काल पुनर्निर्माण को प्राथमिकता दी जाए तथा इसके लिए आवश्यक वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि अंडमान लक्षद्वीप हार्बर वर्क्स द्वारा इन जेटियों का विस्तृत सर्वेक्षण पहले ही किया जा चुका है। इसके आधार पर तैयार प्रस्ताव और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन भी मंत्रालय को प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
इन 13 जेटियों के पुनर्निर्माण पर लगभग 750 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आने की जानकारी दी गई है। सांसद ने कहा कि इन प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी देकर आवश्यक धनराशि जारी की जानी चाहिए, ताकि पुनर्निर्माण कार्यों को बिना किसी अतिरिक्त विलंब के शुरू किया जा सके।
उन्होंने इन कार्यों की तत्काल आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि संबंधित जेटियां वर्तमान में अत्यंत जर्जर और खतरनाक स्थिति में हैं। इनकी खराब हालत से यात्रियों और आम जनता की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है तथा द्वीपवासियों को विभिन्न प्रकार की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
सांसद ने कहा कि जेटियां अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की जीवनरेखा हैं। विशेष रूप से दूरस्थ और मुख्य क्षेत्रों से अलग स्थित द्वीपों के लिए आवश्यक वस्तुओं, खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री, अन्य सामान और यात्रियों के परिवहन का प्रमुख माध्यम समुद्री जहाज सेवाएं ही हैं। ऐसी स्थिति में जेटियों की खराब हालत द्वीपों की परिवहन व्यवस्था और स्थानीय निवासियों के दैनिक जीवन को प्रभावित करती है।
बैठक के दौरान सांसद ने तत्काल पुनर्निर्माण की आवश्यकता वाली सभी 13 जेटियों की सूची भी समिति के समक्ष प्रस्तुत की। इनमें लॉन्ग आइलैंड जेटी, स्वराज द्वीप जेटी, येरेटा जेटी, डिगलीपुर जेटी, ईस्ट आइलैंड जेटी, चम्पिन जेटी, रंगत जेटी, चाथम घाट, पानीघाट जेटी, मायाबंदर घाट, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जेटी, चेन नाला जेटी और एबरडीन जेटी शामिल हैं।
सांसद ने इन जेटियों की मौजूदा दयनीय स्थिति को दर्शाने वाली तस्वीरें भी मंत्रालय के समक्ष रखीं। उन्होंने संबंधित प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति देने और आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
इसके अतिरिक्त सांसद बिष्णु पद रे ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन द्वारा मंत्रालय को पहले ही प्रस्तुत चार नए यात्री एवं मालवाहक जहाजों के निर्माण और अधिग्रहण संबंधी लंबित प्रस्ताव को भी प्रमुखता से उठाया।
इस प्रस्ताव के अनुसार प्रत्येक नए जहाज में 500 यात्रियों और 150 मीट्रिक टन माल के परिवहन की क्षमता होगी। प्रत्येक जहाज की अनुमानित लागत लगभग 450 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इस प्रकार चार जहाजों की कुल परियोजना लागत लगभग 1,800 करोड़ रुपये होगी।
इन नए जहाजों को वर्तमान में संचालित चार पुराने जहाजों के स्थान पर शामिल करने का प्रस्ताव है। इनमें एमवी भारत सीमा, एमवी सेंटिनल, एमवी चौरा और एमवी डेरिंग शामिल हैं। इन चारों जहाजों को वर्ष 2027 से 2029 के बीच सेवा से हटाए जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
सांसद ने मंत्रालय से अनुरोध किया कि प्रस्तावित एमवी नालंदा मॉडल के आधार पर नए जहाजों के निर्माण और अधिग्रहण संबंधी प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी तथा वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि नए जहाजों की उपलब्धता से अंतरद्वीपीय समुद्री संपर्क को मजबूत बनाने और द्वीपवासियों को विश्वसनीय परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
सांसद ने बम्बूफ्लाट स्थित एटीआई भूमि पर पोत निर्माणशाला के निर्माण से संबंधित विषय भी बैठक में उठाया। उन्होंने इस परियोजना को द्वीपसमूह की समुद्री अवसंरचना से जुड़े महत्वपूर्ण लंबित मुद्दों में शामिल किया।
सांसद बिष्णु पद रे ने जोर देकर कहा कि जेटियों का समयबद्ध पुनर्निर्माण और जहाजों के बेड़े में वृद्धि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के लिए अत्यंत आवश्यक है। इन परियोजनाओं के माध्यम से सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध समुद्री परिवहन सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ द्वीपों के समग्र संपर्क और विकास को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।