

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम - श्री विजय पुरम में 7 सितंबर से गणेश चतुर्थी समारोह की शुरुआत हुई। इस अवसर पर आयोजन टीम ने एक और रिकॉर्ड बनाने वाले विशाल लड्डू के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इस बार टीम ने 5,000 किलोग्राम से अधिक वजन का विशाल लड्डू तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
उद्घाटन पूजा के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए शेफ अश्वर पाल सिंह ने कहा कि 7 सितंबर, 4-सीजन्स इवेंट मैनेजमेंट कंपनी और पूरी टीम के लिए ऐतिहासिक दिन है, जिसने इस आयोजन की तैयारियों के लिए पूरे वर्ष मेहनत की है। उन्होंने याद दिलाया कि टीम ने वर्ष 2025 में अंडमान में भारत का सबसे बड़ा लड्डू बनाने का दावा किया था और कहा कि इस वर्ष उस उपलब्धि को पार करने तथा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह को और अधिक पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शेफ अश्वर पाल सिंह ने बताया कि सात दिवसीय समारोह फोर सीजन्स, वीआईपी रोड पर आयोजित किया जाएगा, जहां टीम विशाल लड्डू तैयार करने के लिए व्यापक स्तर पर आवश्यक तैयारियां करेगी। उन्होंने कहा कि पूरी टीम 5,000 किलोग्राम से अधिक वजन का लड्डू तैयार करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, “आज बप्पा का आगमन हो गया है और जैसा कि आप देख सकते हैं, बप्पा अब यहां विराजमान हैं।” उन्होंने कहा कि टीम आने वाले दिनों में ऐतिहासिक विशाल लड्डू को आम जनता के सामने प्रस्तुत करने की उम्मीद कर रही है।
उनके अनुसार, विशाल लड्डू को 13 सितंबर को आम जनता के दर्शन के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। इसका प्रदर्शन सुबह लगभग 11:00 से 11:30 बजे के बीच शुरू होगा। उन्होंने द्वीपसमूह के निवासियों और यहां आने वाले पर्यटकों से बड़ी संख्या में आयोजन स्थल पर पहुंचने तथा इस विशेष समारोह के साक्षी बनने और भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने की अपील की।
उन्होंने आगे बताया कि 14 सितंबर को दोपहर 2:00 बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा समारोह स्थल से शुरू होकर श्री विजय पुरम के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए नेताजी क्लब की ओर जाएगी। इस दौरान विशाल लड्डू और भगवान गणेश आयोजन के मुख्य आकर्षण होंगे।
द्वीपसमूह के विभिन्न हिस्सों से लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हुए शेफ अश्वर पाल सिंह ने कहा कि टीम चाहती है कि यह अवसर अंडमान और निकोबार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बने।
उन्होंने इस वर्ष के समारोह की पर्यावरणीय थीम पर भी प्रकाश डाला, जिसे “प्रकृति और परंपरा” नाम दिया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नकद दान नहीं देने की अपील की और कहा कि आयोजक पैसे स्वीकार नहीं करेंगे। इसके बजाय योगदान देने के इच्छुक लोगों से छोटे पौधे उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। टीम इन पौधों को विभिन्न स्थानों पर वितरित करने और लगाने की योजना बना रही है, ताकि द्वीपसमूह में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।
समारोह 7 सितंबर से 13 सितंबर तक जारी रहेगा और आयोजन स्थल पर पूजा का आयोजन किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे और शाम 6:00 बजे दो बार आरती होगी। शेफ अश्वर पाल सिंह ने द्वीपवासियों से समारोह में शामिल होने और अंडमान तथा निकोबार के लिए एक और ऐतिहासिक विशाल लड्डू बनाने के टीम के प्रयास का हिस्सा बनने का आग्रह किया।