हरिनगर में रसोई गैस संकट दूर करने की मांग

ग्राम पंचायत ने सहायक आयुक्त से तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया
हरिनगर में रसोई गैस सिलेंडरों के वितरण का दृश्य।
हरिनगर में रसोई गैस सिलेंडरों के वितरण का दृश्य।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम -- उत्तर एवं मध्य अंडमान जिले के मायाबंदर उपमंडल में हरिनगर ग्राम पंचायत ने रसोई गैस सिलेंडरों की गंभीर कमी का समाधान करने तथा उपभोक्ताओं को एक ही वितरण चक्र में अपने दोनों खाली सिलेंडर भरवाने की अनुमति देने की मांग की है। इस संबंध में हरिनगर ग्राम पंचायत के प्रधान मनोजीत हलदर ने सहायक आयुक्त, मायाबंदर उपमंडल को पत्र लिखकर मौजूदा संकट की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है।

पत्र में हरिनगर ग्राम पंचायत के प्रधान ने पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में उपभोक्ता सहकारी भंडार लिमिटेड द्वारा रसोई गैस सिलेंडरों के वितरण में आ रही समस्याओं का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि पिछले 3 से 4 महीनों से क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही थी। हाल ही में संबंधित संस्था ने क्षेत्र में सिलेंडरों का वितरण दोबारा शुरू किया, जिससे लोगों को कुछ समय के लिए राहत मिली। हालांकि, लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने के कारण पंचायत क्षेत्र के लगभग सभी परिवारों के दोनों सिलेंडर पूरी तरह खाली हो चुके हैं।

इस स्थिति के चलते ग्रामीण परिवारों को घरेलू ईंधन के गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित उपभोक्ताओं की सामूहिक मांग है कि मौजूदा वितरण चक्र के दौरान उन्हें अपने दोनों खाली सिलेंडर भरवाने की अनुमति दी जाए। पत्र में बताया गया है कि वितरण कर्मचारी प्रत्येक उपभोक्ता को केवल एक भरा हुआ सिलेंडर उपलब्ध करा रहे हैं और दूसरा सिलेंडर भरवाने की मांग को यह कहते हुए अस्वीकार कर रहे हैं कि एक साथ दो सिलेंडर भरवाने की अनुमति नियमों के अंतर्गत नहीं है।

प्रधान ने कहा कि एक भरा हुआ सिलेंडर मिलने से परिवारों की तत्काल खाना पकाने की आवश्यकता तो पूरी हो जाती है, लेकिन उनके पास अतिरिक्त सिलेंडर उपलब्ध नहीं रहता। ऐसी स्थिति में यदि अगली बार आपूर्ति में फिर देरी होती है, तो परिवारों को दोबारा गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लंबे समय से चली आ रही आपूर्ति बाधा के कारण लोगों में भविष्य में सिलेंडर मिलने को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

ग्राम पंचायत की प्रधान ने सहायक आयुक्त से इस मामले में हस्तक्षेप कर व्यावहारिक समाधान निकालने का अनुरोध किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि पहले क्षेत्र के प्रत्येक उपभोक्ता को एक-एक भरा हुआ सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद वितरण के लिए उपलब्ध शेष सिलेंडरों को उन परिवारों के दूसरे खाली सिलेंडरों के बदले दिया जाए, ताकि लंबे समय से लंबित मांग को पूरा किया जा सके।

प्रधान मनोजीत हलदर ने ग्रामीण परिवारों को हो रही गंभीर कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए प्रशासन से अनुरोध किया कि उपभोक्ता सहकारी भंडार के प्रबंधन को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि सिलेंडरों की उपलब्धता और वितरण को प्रभावी ढंग से व्यवस्थित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि हरिनगर के परिवारों को घरेलू ईंधन संकट से राहत मिल सके और उन्हें भविष्य की आपूर्ति में होने वाली संभावित देरी से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध हो सके।

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