चार श्रम संहिताओं के मसौदे पर प्रशासन ने फिर मांगे सुझाव

हितधारकों को दस दिन का अतिरिक्त अवसर
अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के श्रम विभाग की तस्वीर।
अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के श्रम विभाग की तस्वीर।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम – अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के श्रम विभाग ने चारों श्रम संहिताओं के अंतर्गत प्रस्तावित नियमों को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित पक्षों को अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत करने का एक और अवसर दिया है। विभाग ने इसके लिए 10 दिनों की समयसीमा निर्धारित की है। इस पहल के तहत नियोक्ताओं, कर्मचारियों, श्रमिक संगठनों, प्रतिष्ठानों और अन्य प्रभावित पक्षों से मसौदा नियमों पर विचार मांगे गए हैं।

विभाग के अनुसार, इससे पहले मसौदा नियमों के प्रकाशन के बाद 45 दिनों की अवधि तक आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए थे। हालांकि, निर्धारित अवधि के दौरान विभाग को कोई आपत्ति अथवा सुझाव प्राप्त नहीं हुआ था। अब नियमों को अंतिम रूप देने और अधिसूचित करने की प्रक्रिया से पहले संबंधित पक्षों को एक और अवसर दिया गया है।

इस परामर्श प्रक्रिया में चार प्रमुख श्रम संहिताएं शामिल हैं। इनमें वेतन संहिता, 2019, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 शामिल हैं।

श्रम विभाग ने बताया कि इन चारों संहिताओं के मसौदा नियमों को क्रमशः 28 जनवरी, 16 फरवरी, 13 अप्रैल और 2 जून 2026 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया था। प्रत्येक मसौदे के साथ प्रभावित व्यक्तियों और संगठनों से निर्धारित 45 दिनों के भीतर सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं।

चारों संहिताओं में रोजगार से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इनमें वेतन का नियमन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और कामकाज की परिस्थितियां प्रमुख हैं।

विभाग ने इच्छुक पक्षों से नवीनतम सूचना जारी होने के 10 दिनों के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां भेजने का आग्रह किया है। इसके लिए श्रम आयुक्त कार्यालय, श्रम विभाग, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन, सप्लाई लाइन, श्री विजय पुरम-744101 का पता निर्धारित किया गया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा के बाद प्राप्त होने वाले सुझावों और आपत्तियों पर विचार नहीं किया जा सकता है। इसलिए सभी संबंधित पक्षों से इस अंतिम अवसर का उपयोग करते हुए अपने विचार समय पर प्रस्तुत करने की अपील की गई है।

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