अंडमान निकोबार के 40 जेटियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की समीक्षा

सांसद ने जहाजरानी मंत्रालय की बैठक में मुद्दा उठाने की बात कही
सांसद बिष्णु पद रे और उप मुख्य अभियंता के बीच 40 जेटियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण पर चर्चा का दृश्य।
सांसद बिष्णु पद रे और उप मुख्य अभियंता के बीच 40 जेटियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण पर चर्चा का दृश्य।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम -- अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की 40 जेटियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण से संबंधित कार्यों की प्रगति तथा प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा के लिए अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के सांसद बिष्णु पद रे ने अंडमान लक्षद्वीप बंदरगाह निर्माण कार्य विभाग के उप मुख्य अभियंता से मुलाकात की। जेटियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का यह महत्वपूर्ण विषय सांसद पहले भी जहाजरानी मंत्रालय के समक्ष उठा चुके हैं।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य द्वीपसमूह में जेटियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए जारी कार्यों की प्रगति का आकलन करना तथा लंबे समय से लंबित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना की समीक्षा करना था। द्वीपों के बीच संपर्क व्यवस्था, यात्रियों के आवागमन, परिवहन सुविधाओं और स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए जेटियों का सुचारु संचालन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

द्वीपसमूह के विभिन्न क्षेत्रों में जेटियों की स्थिति और उनसे संबंधित आवश्यकताओं को देखते हुए उनकी समय पर मरम्मत तथा पुनर्निर्माण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन कार्यों में तेजी लाने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

सांसद ने कहा कि वह इस महत्वपूर्ण विषय को लगातार आगे बढ़ाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि आगामी 3 नवंबर 2026 को पुरी में आयोजित होने वाली जहाजरानी मंत्रालय की बैठक में भी वह 40 जेटियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का मुद्दा उठाएंगे। इसका उद्देश्य संबंधित कार्यों को शीघ्र आगे बढ़ाना और आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है, ताकि द्वीपसमूह में जेटियों से जुड़ी लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान हो सके।

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