हिंदू राष्ट्र शक्ति ने उपराज्यपाल से चेन्नई और कोलकाता में सहायता केंद्र स्थापित करने की मांग की

मुख्यभूमि में मृत मरीजों के परिजनों को मिलेगी सहायता
फोटो में हिंदू राष्ट्र शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष  राकेश्वर लाल, चेन्नई और कोलकाता में सहायता केंद्र स्थापित करने की मांग उठाते हुए।
फोटो में हिंदू राष्ट्र शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर लाल, चेन्नई और कोलकाता में सहायता केंद्र स्थापित करने की मांग उठाते हुए।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम --

हिंदू राष्ट्र शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर लाल ने द्वीपसमूह से मुख्यभूमि में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों को निःशुल्क संदर्भित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की पहल के लिए उपराज्यपाल, सांसद तथा संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा उन मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए मुख्यभूमि के अस्पतालों में जाना पड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने चेन्नई और कोलकाता में विशेष सहायता केंद्र स्थापित करने की मांग उठाई, ताकि उपचार के दौरान मरीज की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिजनों को आवश्यक सहायता मिल सके।

श्री राकेश्वर लाल ने कहा कि जब किसी मरीज का उपचार यहां स्थित जी.बी. पंत अस्पताल में उपलब्ध नहीं होता अथवा संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होते, तो चिकित्सकीय सलाह के अनुसार मरीज को मुख्यभूमि के अस्पताल में भेजा जाता है। ऐसे मामलों में मरीज को संदर्भित करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होंने बताया कि हाल ही में स्ट्रेचर पर ले जाए जाने वाले मरीज के लिए भी संदर्भित परिवहन की सुविधा शुरू की गई है। राकेश्वर लाल के अनुसार, इस प्रकार की सुविधा का लाभ उठाने वाले पहले मरीज श्री संपति मंडल हैं, जिन्हें उनकी इच्छा के अनुसार मुख्यभूमि में उपचार के लिए भेजा गया।

उन्होंने कहा कि पहले गंभीर रूप से बीमार मरीजों को स्ट्रेचर पर ले जाने के लिए निजी परिवहन की व्यवस्था करनी पड़ती थी, जिस पर काफी खर्च आता था। नई व्यवस्था के अंतर्गत सरकार मरीज और उसके साथ जाने वाले परिचारक के यात्रा तथा उपचार संबंधी खर्च का वहन कर रही है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों को हवाई अड्डे से संबंधित चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने के खर्च की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च करने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से सरकारी तथा निजी क्षेत्र में कार्यरत पात्र लोगों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ मिल सकता है।

राकेश्वर लाल ने इस पहल के लिए उपराज्यपाल, संबंधित सचिव, निदेशक तथा इस व्यवस्था से जुड़े डॉक्टर पी. लाल सहित सभी संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

हालांकि, उन्होंने कहा कि मुख्यभूमि में उपचार के दौरान किसी मरीज की मृत्यु हो जाने पर उसके परिजनों को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पुलिस से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने, आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने तथा पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से द्वीपसमूह वापस लाने की प्रक्रिया में परिजनों को परेशानी होती है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब मरीज के साथ केवल एक परिचारक हो अथवा वह व्यक्ति चेन्नई जैसे बड़े शहर में अपरिचित हो और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी न रखता हो।

उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में परिजन पहले से ही मानसिक तनाव और दुख से गुजर रहे होते हैं। ऐसे समय में उन्हें विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में कठिनाई होती है। इसलिए हिंदू राष्ट्र शक्ति की ओर से मांग की गई है कि चेन्नई और कोलकाता स्थित संबंधित अतिथिगृहों में विशेष सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं। इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारी पुलिस, संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और विमानन कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर मृत मरीज के परिजनों को आवश्यक प्रमाणपत्र, दस्तावेज तथा पार्थिव शरीर को वापस लाने की प्रक्रिया में सहायता प्रदान कर सकें।

राकेश्वर लाल ने कहा कि यदि ऐसे केंद्रों पर कम से कम एक कर्मचारी की व्यवस्था कर दी जाए, तो जरूरतमंद परिवारों को काफी राहत मिल सकती है। उन्होंने उपराज्यपाल और सांसद से इस मामले में आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि हिंदू राष्ट्र शक्ति की ओर से संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर चेन्नई और कोलकाता में ऐसी व्यवस्था स्थापित करने की मांग की गई है, ताकि मुख्यभूमि में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को न केवल यात्रा एवं उपचार के दौरान, बल्कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में भी समय पर सहायता मिल सके।

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