सरकारी अस्पतालों में मरीजों से बाहर से शल्य सामग्री मंगाना बंद

अस्पतालों में जरूरी शल्य सामग्री उपलब्ध
फोटो में जी. बी. पंत अस्पताल।
फोटो में जी. बी. पंत अस्पताल।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम --

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार के लिए मरीजों और उनके परिजनों को बाहर से शल्य चिकित्सा सामग्री, टांके तथा अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिए कहे जाने की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने सभी अस्पतालों और संबंधित चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने कहा है कि मरीजों की चिकित्सा के लिए नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाली शल्य सामग्री, टांके और अन्य आवश्यक सामान स्वास्थ्य विभाग के अधीन स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध हैं।

यह मामला उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा के जी.बी. पंत अस्पताल के हालिया दौरे के दौरान उनके संज्ञान में आया था। उन्हें बताया गया था कि कुछ मामलों में शल्य चिकित्सा की आवश्यकता वाले मरीजों को उपचार से पहले बाहर से जरूरी शल्य सामग्री और टांके खरीदने की सलाह दी जा रही थी। इसके बाद उपराज्यपाल के निर्देश पर स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने सभी अस्पताल प्राधिकारियों और उपचार कर रहे चिकित्सकों को परिपत्र जारी किया है।

परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी मरीज या उसके परिजन को उपचार के लिए आवश्यक शल्य सामग्री, टांके अथवा अन्य जरूरी सामान बाहर से खरीदने के लिए न तो कहा जाए और न ही इसकी आवश्यकता बताई जाए। अस्पताल प्राधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया और जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने मरीजों और उनके परिजनों से भी अपील की है कि यदि उन्हें उपचार के दौरान ऐसी कोई सामग्री बाहर से खरीदने के लिए कहा जाता है तो इसकी तत्काल सूचना स्वास्थ्य सेवा निदेशक को संबंधित विवरण के साथ दें, ताकि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके। निदेशालय ने कहा है कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से मरीजों को आवश्यक दवाएं, शल्य सामग्री और चिकित्सा सामान उपलब्ध कराने तथा मरीजों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ रोकने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है।

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