

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- जीबी पंत अस्पताल के शवगृह में गंभीर कमियों, खराब पड़े शव फ्रीजर बॉक्स, जनरेटर की समस्या तथा शव परीक्षण के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की कमी को लेकर सांसद बिष्णु पद रे ने चिंता जताई है। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर शवगृह की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। सांसद ने कहा है कि मौजूदा कमियों के कारण मृतकों के परिजनों को अनावश्यक परेशानी और मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ रहा है, जबकि चिकित्सकों और शव परीक्षण में लगे कर्मचारियों के लिए भी कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
सांसद द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जीबी पंत अस्पताल के मौजूदा शवगृह में कुल 8 शव फ्रीजर बॉक्स की व्यवस्था है, जिनमें से 4 वर्तमान में काम नहीं कर रहे हैं। शेष 4 फ्रीजर बॉक्स में से भी 2 में लंबे समय से रखे गए शव होने की बात सामने आई है। इसके परिणामस्वरूप नए मृतकों के शव रखने के लिए केवल 2 कार्यशील फ्रीजर बॉक्स ही उपलब्ध रह जाते हैं।
पत्र में कहा गया है कि पर्याप्त फ्रीजर व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण बाद में आने वाले शवों को सीआरएफ बैरक के पास स्थित आयुष अस्पताल के शव परीक्षण केंद्र में स्थानांतरित किया जा रहा है। बढ़ते शव परीक्षण मामलों के बीच मृतकों के परिजनों को शव परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव अपने कब्जे में लेने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में कहा गया है कि शव परीक्षण की प्रक्रिया में काफी समय लगने के कारण पहले से ही शोकाकुल परिवारों को अतिरिक्त परेशानी और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ रही है।
सांसद ने जीबी पंत अस्पताल के मौजूदा शवगृह के आसपास की परिस्थितियों को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक शव रखे जाने और बिजली बाधित होने के दौरान जनरेटर के कथित रूप से काम नहीं करने के कारण शवगृह से दुर्गंध आसपास के क्षेत्र में फैल रही है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई कि शवगृह से सटे परिसर में टीबी मरीजों, बच्चों तथा अन्य मरीजों के लिए वार्ड और स्वास्थ्य सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसी स्थिति को अस्पताल की स्वच्छता, साफ-सफाई तथा मरीजों, उनके परिजनों, आगंतुकों और अस्पताल कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं सुविधा की दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता।
पत्र में शव परीक्षण से संबंधित उपकरणों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया गया है। सांसद ने कहा कि मृतकों के परिजनों तथा अन्य लोगों की ओर से उन्हें जानकारी दी गई है कि शव परीक्षण में इस्तेमाल होने वाला आरपीएम शव परीक्षण ड्रिल उपकरण उचित तरीके से काम नहीं कर रहा है और इसकी गति अत्यधिक तेज प्रतीत होती है। इसके परिणामस्वरूप कुछ मामलों में शव परीक्षण करने वाले चिकित्सकों को मैनुअल उपकरणों और पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
सांसद के अनुसार, उपकरणों के उचित तरीके से काम नहीं करने के कारण शव परीक्षण की प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लग सकता है। इसके साथ ही उन्होंने शव परीक्षण करने वाले चिकित्सकों और सहयोगी कर्मचारियों की सुरक्षा तथा कार्य परिस्थितियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शव परीक्षण जैसे संवेदनशील कार्य के लिए आवश्यक उपकरणों का ठीक स्थिति में होना बेहद जरूरी है।
बिष्णु पद रे ने संबंधित अधिकारियों से जीबी पंत अस्पताल के शवगृह में सामने आई इन सभी कमियों की तत्काल समीक्षा करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि फ्रीजर बॉक्स, जनरेटर, शव परीक्षण उपकरण और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमियों को जल्द दूर किया जाना चाहिए, ताकि मृतकों के परिजनों को आगे किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और शव परीक्षण से जुड़े चिकित्सकों तथा कर्मचारियों को भी सुरक्षित एवं उचित कार्य वातावरण उपलब्ध हो सके।
सांसद ने अधिकारियों से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध करते हुए कहा कि अस्पताल की शवगृह व्यवस्था में सुधार न केवल मृतकों के परिजनों की सुविधा के लिए आवश्यक है, बल्कि अस्पताल की स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और समग्र चिकित्सा व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।