

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम --
उत्तर एवं मध्य अंडमान जिले के डिगलीपुर वन प्रमंडल अंतर्गत डिगलीपुर परिक्षेत्र के अंबर चाड तट पर समुद्री जीवों के संदिग्ध रूप से सामूहिक रूप से फंसने की घटना सामने आई है। पर्यावरण एवं वन विभाग, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक सूचना में लगभग 13 समुद्री जीवों के इसमें शामिल होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, समुद्री जीवों की वास्तविक संख्या और उनकी प्रजाति की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रारंभिक तौर पर इनके डॉल्फिन अथवा छोटी पंख वाली पायलट व्हेल होने की आशंका जताई जा रही है।
वन विभाग ने आम लोगों और पर्यटकों के लिए परामर्श जारी करते हुए उन्हें अगले आदेश तक प्रभावित क्षेत्र में जाने से बचने की अपील की है। लोगों को विशेष रूप से चेतावनी दी गई है कि वे तट पर फंसे किसी भी जीवित अथवा मृत समुद्री जीव के पास न जाएं और उन्हें छूने का प्रयास भी न करें।
विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, स्थिति का आकलन करने के लिए वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकीय कर्मियों के साथ एक बचाव दल भेजा जा रहा है। उथले पानी में यदि कोई जीवित समुद्री जीव पाया जाता है तो परिस्थितियां अनुकूल और सुरक्षित होने पर उसे गहरे पानी की ओर ले जाने का प्रयास किया जाएगा। विभाग ने यह भी बताया है कि मृत पाए गए समुद्री जीवों की माप दर्ज की जाएगी तथा इस घटना के संभावित कारणों का पता लगाने के लिए शव परीक्षण कराने का प्रयास किया जाएगा। आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद मृत समुद्री जीवों को उचित तरीके से दफनाया जाएगा।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, शव परीक्षण के लिए पशु चिकित्सकीय कर्मियों को तट पर भेजा जा रहा है। शव परीक्षण से प्राप्त निष्कर्षों से समुद्री जीवों के तट पर फंसने की परिस्थितियों को समझने में सहायता मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल इस घटना के कारण का निर्धारण नहीं हो सका है और इस संबंध में आगे की जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
वन विभाग ने अपने परामर्श में आम जनता और पर्यटकों से अधिकारियों के साथ सहयोग करने तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया है। निवासियों और पर्यटकों से कहा गया है कि वे अगले आदेश तक प्रभावित तट से दूर रहें, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और समुद्री जीवों के आकलन तथा शव परीक्षण से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं बिना किसी व्यवधान के पूरी की जा सकें।
ताजा घटना ने उत्तर अंडमान में अक्टूबर 2012 में सामने आई समुद्री जीवों के इसी प्रकार के सामूहिक रूप से तट पर फंसने की घटना की याद भी ताजा कर दी है। 25 अक्टूबर 2012 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर अंडमान द्वीप के पश्चिमी तट पर एलिजाबेथ खाड़ी के निकट लगभग 40 छोटी पंख वाली पायलट व्हेल समुद्र तट पर फंसने के बाद मर गई थीं।
उस समय प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, मछुआरों ने सबसे पहले इन व्हेलों को देखा था और वन्यजीव अधिकारियों को इसकी सूचना दी थी। इसके बाद आपातकालीन दल और स्थानीय स्वयंसेवक समुद्र तट पर पहुंचे थे, लेकिन समुद्री जीवों को दोबारा गहरे पानी में पहुंचाने के प्रयास सफल नहीं हो सके थे। उस समय वन्यजीव अधिकारियों ने बताया था कि जब व्हेल दिशाभ्रमित हो जाती हैं और गहरे पानी में वापस नहीं लौट पातीं, तब इस प्रकार की सामूहिक तट फंसने की घटनाएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों द्वारा एक अन्य संभावित कारण यह भी बताया गया था कि किसी बीमार अथवा घायल जीव का पीछा करते हुए पूरा समूह उथले पानी में पहुंच सकता है।
अक्टूबर महीने में उत्तर अंडमान में इसी प्रकार की एक और घटना सामने आने से द्वीप क्षेत्र में समुद्री वन्यजीवों के सामूहिक रूप से तट पर फंसने की घटनाओं को लेकर एक बार फिर ध्यान आकर्षित हुआ है। हालांकि, अभी यह स्थापित किया जाना बाकी है कि वर्तमान घटना में फंसे समुद्री जीव 2012 में तट पर फंसे जीवों की उसी प्रजाति के हैं या नहीं।