मायाबंदर रेस्ट कैंप के पास लगी आग पर दमकल ने पाया नियंत्रण करीब ढाई घंटे चली आग बुझाने की कार्रवाई


मायाबंदर विश्राम शिविर के पास लगी आग पर अग्निशमन दल द्वारा नियंत्रण पाने के बाद घटनास्थल का दृश्य।
मायाबंदर विश्राम शिविर के पास लगी आग पर अग्निशमन दल द्वारा नियंत्रण पाने के बाद घटनास्थल का दृश्य।
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सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम – 26 सितंबर

मायाबंदर स्थित रेस्ट कैंप के पास तड़के एक घर में आग लग गई, जिसके बाद अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, मायाबंदर की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग बुझाने का अभियान शुरू किया और आग को आसपास के घरों तक फैलने से रोक दिया।

मायाबंदर अग्निशमन केंद्र को रात 12:05 बजे सूचना मिली कि रेस्ट कैंप के पास स्थित एक घर में आग लग गई है। सूचना मिलते ही अग्निशमन दल दमकल वाहन के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। अग्निशमन दल लगभग 12 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गया।

घटनास्थल पर पहुंचने के बाद अग्निशमन कर्मियों ने घर के भीतर से भारी धुआं और जलते हुए अंगारे निकलते हुए देखे, जिससे घर के अंदर आग की तीव्र स्थिति का पता चला। प्रभावित घर मुख्य सड़क से काफी दूरी पर स्थित था। आग तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए दमकल वाहन से लगभग छह लंबी जल आपूर्ति नलियां बिछाई गईं।

घर बंद था। तत्काल आग बुझाने की कार्रवाई शुरू करने के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा के कर्मियों ने पुलिसकर्मियों और आसपास के निवासियों की मौजूदगी में परिसर को खोला। प्रारंभिक जांच के दौरान यह भी पाया गया कि परिसर के अंदर एक रसोई गैस सिलेंडर पहले ही फट चुका था।

आसपास के घरों में आग फैलने के खतरे को देखते हुए अग्निशमन कर्मियों ने तत्काल रक्षात्मक और प्रत्यक्ष आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की। आग पर पानी की धारें डालकर उसे नियंत्रित किया गया, प्रभावित ढांचे को ठंडा किया गया और आसपास की संपत्तियों तक फैलने वाली गर्मी तथा आग की लपटों को रोकने के प्रयास किए गए। कार्रवाई के दौरान दल ने जलते हुए परिसर से एक रसोई गैस सिलेंडर को भी सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया, जिससे आसपास के घरों में आग के और अधिक फैलने का खतरा कम हुआ।

आग बुझाने का अभियान लगभग ढाई घंटे तक जारी रहा। रेस्ट कैंप के कर्मचारियों की सहायता से अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा के कर्मियों ने आग पर नियंत्रण पा लिया और इसे आसपास के घरों तक फैलने से रोक दिया।

समय पर की गई कार्रवाई, प्रभावी जल आपूर्ति व्यवस्था और अग्निशमन दल के समन्वित प्रयासों से आग को नियंत्रित करने तथा उसे आगे फैलने से रोकने में सफलता मिली।

प्रभावित घर को हुए अनुमानित नुकसान का मूल्य लगभग 7 लाख रुपये बताया गया है, जबकि आग के खतरे के संपर्क में आई आसपास की संपत्तियों का अनुमानित मूल्य लगभग 6 लाख रुपये आंका गया है।

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