नगर निकाय और पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा होने से पहले चुनाव पर सवाल

टीएसजी भास्कर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जताई आपत्ति
फोटो में दिख रहे हैं अंडमान एवं निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अभियान समिति के अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य श्री टीएसजी भास्कर।
फोटो में दिख रहे हैं अंडमान एवं निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अभियान समिति के अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य श्री टीएसजी भास्कर।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम -- अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में नगर परिषद और पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होने लगी है। इसी बीच अंडमान एवं निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अभियान समिति के अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य टीएसजी भास्कर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर निर्वाचित नगर परिषद पार्षदों और पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों का निर्धारित कार्यकाल पूरा होने से पहले नए चुनाव अथवा नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू किए जाने पर आपत्ति जताई है।

31 अक्टूबर 2026 को लिखे गए पत्र में भास्कर ने उल्लेख किया है कि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में नगर परिषद और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव जनवरी 2027 में कराए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि पिछला नगर परिषद और पंचायत चुनाव 6 मार्च 2022 को आयोजित हुआ था तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों ने मार्च 2022 के अंत तक अपना पदभार ग्रहण किया था। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार इन निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल पांच वर्ष निर्धारित है। ऐसे में उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले नई व्यवस्था लागू करना उचित नहीं होगा।

पत्र में उन्होंने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान नगर परिषद की अध्यक्ष और जिला परिषद के अध्यक्ष का चुनाव मई 2026 में हुआ था। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार इन पदाधिकारियों का कार्यकाल एक वर्ष निर्धारित है। इस लिहाज से उनका कार्यकाल मई 2027 में पूरा होगा।

भास्कर ने मुख्य सचिव से आग्रह किया है कि यदि निर्धारित समय से पहले चुनाव आयोजित भी किए जाते हैं, तब भी वर्तमान निर्वाचित प्रतिनिधियों को संविधान के तहत प्राप्त कार्यकाल का पूरा लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित कार्यकाल पूरा होने से पहले निर्वाचित प्रतिनिधियों की जगह नई नियुक्तियां अथवा नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया नहीं अपनाई जानी चाहिए।

उन्होंने मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि इस मामले में संवैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाए।

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