

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम – 26 सितंबर
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में शिक्षा क्षेत्र को सरल, अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने नए विद्यालयों की मान्यता की प्रक्रिया को आसान बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
नए विद्यालयों की मान्यता अवधि, जिसे पहले तीन वर्ष से घटाकर एक वर्ष कर दिया गया था, अब बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है। इस निर्णय से नए स्थापित शैक्षणिक संस्थानों को अधिक स्थिरता मिलेगी और वे शैक्षणिक गुणवत्ता तथा शिक्षा के परिणामों में सुधार पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
एक अन्य महत्वपूर्ण सुधार के तहत विद्यालयों की मान्यता के लिए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या 19 से घटाकर केवल 5 कर दी गई है। इस निर्णय से अनावश्यक कागजी कार्यवाही और विद्यालय प्रबंधन पर पड़ने वाला नियामकीय अनुपालन का बोझ काफी कम होगा, जिससे मान्यता की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और परेशानी रहित बन सकेगी।
यह सुधार प्रधानमंत्री के कारोबार सुगमता के दृष्टिकोण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सक्षम शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रशासन द्वीपसमूह में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने, निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस सुधार से न केवल नए विद्यालयों की स्थापना आसान होगी, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता भी बढ़ेगी और शिक्षा क्षेत्र के समग्र विकास की गति तेज होगी।
हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था से विद्यालयों के निरीक्षण, सत्यापन, निगरानी और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने से संबंधित विभाग की मौजूदा शक्तियों में किसी भी प्रकार की कमी या बदलाव नहीं होगा।