दुर्गा पूजा आयोजकों के लिए दक्षिण अंडमान प्रशासन ने निर्देश जारी किए

सुरक्षा, ध्वनि नियंत्रण और विसर्जन व्यवस्था पर विशेष जोर
अंडमान में दुर्गा पूजा पंडाल की संग्रहित तस्वीर।
अंडमान में दुर्गा पूजा पंडाल की संग्रहित तस्वीर।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम -- वर्ष 2026 में दुर्गा पूजा समारोहों के आयोजन को ध्यान में रखते हुए दक्षिण अंडमान जिला प्रशासन ने सभी दुर्गा पूजा समितियों और आयोजकों के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। दुर्गा पूजा समारोह 18 अक्टूबर 2026 से शुरू होंगे और प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न होंगे। प्रशासन ने त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से सभी संबंधित समितियों और आयोजकों को निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी पूजा समितियों और आयोजकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों, वैधानिक नियमों तथा सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात को सुचारु रखने और विसर्जन कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी।

प्रशासन ने शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। शराब अथवा किसी अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रतिमा विसर्जन जुलूस में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पूजा समिति के सदस्यों, स्वयंसेवकों, वाहन चालकों और अन्य प्रतिभागियों के लिए शराब तथा नशीले पदार्थों का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। समितियों को निर्देश दिया गया है कि पूरे पूजा समारोह और विसर्जन जुलूस के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करें।

ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूरी तरह बंद करना होगा। ध्वनि का स्तर निर्धारित अनुमेय सीमा के भीतर रखा जाना चाहिए और केवल भक्ति संगीत बजाने की अनुमति होगी। इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिमा विसर्जन जुलूस में शामिल होने वाले लोगों की संख्या सीमित रखने का भी निर्देश दिया गया है। प्रत्येक प्रतिमा के साथ विसर्जन के लिए केवल आवश्यक और सीमित संख्या में लोगों को जाने की अनुमति होगी। पूजा समितियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि अनावश्यक भीड़ एकत्र न हो तथा अधिक लोगों के जमा होने से उत्पन्न होने वाली अव्यवस्था से बचा जा सके। विसर्जन जुलूस को निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संचालित करना होगा।

दुर्गा प्रतिमाओं की ऊंचाई को लेकर प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है। सभी दुर्गा प्रतिमाओं की ऊंचाई 16 फुट से कम रखनी होगी। इस सीमा का उद्देश्य प्रतिमाओं को ले जाने के दौरान ऊपर से गुजरने वाली उच्च वोल्टेज विद्युत तारों के संपर्क में आने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है। पूजा समितियों को प्रतिमा निर्माण और विसर्जन की तैयारियों के दौरान इस निर्देश का सख्ती से पालन करना होगा।

अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी पूजा पंडालों में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है। इनमें अग्निशामक यंत्र, रेत से भरी बाल्टियां और पानी की बाल्टियां शामिल होंगी। रसोई की व्यवस्था पूजा पंडालों से सुरक्षित दूरी पर की जानी चाहिए। आयोजकों को आग लगने की आशंका को कम करने और किसी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के लिए सभी आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपाय अपनाने होंगे।

विद्युत सुरक्षा के संबंध में प्रशासन ने निर्देश दिया है कि सभी विद्युत प्रतिष्ठानों में भारतीय मानक ब्यूरो प्रमाणित सुरक्षित आवरण वाले तारों का उपयोग किया जाए और उचित अर्थिंग की व्यवस्था हो। पूजा समितियों को विद्युत विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। सजावटी रोशनी के तारों को सड़कों के आर-पार लटकाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त पंडालों और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी तथा आवश्यक वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

यातायात और प्रतिमा विसर्जन मार्गों के प्रबंधन के लिए सभी पूजा समितियों को पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। समितियों को निर्धारित विसर्जन मार्गों की जानकारी प्राप्त करनी होगी और विसर्जन की तारीख तथा समय के बारे में संबंधित अधिकारियों को पहले से सूचित करना होगा। इससे यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था से बचने में सहायता मिलेगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दुर्गा पूजा समारोह और प्रतिमा विसर्जन जुलूस आयोजित करने से पहले संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमतियां और स्वीकृतियां प्राप्त करना अनिवार्य होगा। आवेदन प्राप्त करने और उनके निपटारे की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष में एकल खिड़की सहायता केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इस केंद्र के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे और संबंधित विभागों से आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद समेकित अनुमति जारी करने की व्यवस्था की जाएगी।

दक्षिण अंडमान जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों और आयोजकों से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सामूहिक जिम्मेदारी के साथ त्योहार का आयोजन करें।

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