

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- जिला प्रशासन की जनसंपर्क पहल ‘संपर्क से समाधान–प्रशासन गांव की ओर’ के अंतर्गत उत्तर एवं मध्य अंडमान जिले के उपायुक्त सुषांत पाधा ने 9 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए दो दिवसीय दौरे के दौरान रंगत तहसील के अंतर्गत बाराटांग द्वीप का दौरा किया। उनके साथ उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला परिषद के अध्यक्ष आर. अलागर स्वामी, रंगत के सहायक आयुक्त दीपांशु वोहरा तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्र में चल रही विकास गतिविधियों की समीक्षा करना, सार्वजनिक सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन करना तथा स्थानीय निवासियों की शिकायतों और समस्याओं को सीधे सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाना था।
दौरे के दौरान बाराटांग वन क्लब में शिविर न्यायालय सह जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के प्रमुखों, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपायुक्त ने स्थानीय निवासियों की शिकायतें सुनीं और राजस्व से जुड़े मामलों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने अपने दौरे के दौरान क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का आकलन करने के लिए स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति का जायजा लिया, आधारभूत संरचना से संबंधित कमियों की पहचान की और स्थानीय आबादी की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों से विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति और उनके क्रियान्वयन में सामने आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
उन्होंने पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, अंडमान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ बातचीत कर चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान कार्यों की प्रगति, क्रियान्वयन से जुड़ी बाधाओं तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने के उपायों पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पक्षों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि सभी कार्य समय पर पूरे किए जा सकें और निर्माण के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित हो।
दौरे के दौरान स्थानीय निवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद का अवसर भी मिला। इस संवाद के माध्यम से गांव स्तर पर विकास की प्राथमिकताओं, आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं की उपलब्धता और उन क्षेत्रों की पहचान करने का प्रयास किया गया, जहां प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों की ओर से उठाए गए मुद्दों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों और कार्यान्वयन एजेंसियों को जनता की ओर से उठाई गई समस्याओं पर शीघ्र और उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी विकास कार्यों तथा कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता दें।
बाराटांग दौरे के दौरान जनसुनवाई, राजस्व मामलों की समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से प्रशासन ने स्थानीय समस्याओं को समझने तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित करने का प्रयास किया।