पैरोल पर छूटकर फरार हुआ तमिलनाडु का उम्रकैदी गराचरमा में मिला

एबरडीन पुलिस ने तमिलनाडु पुलिस को सौंपा
फोटो में पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार हुए तमिलनाडु के आजीवन कारावास की सजा पाए कैदी अरुण पांडियन, जिसे गराचरमा में तलाशने के बाद पुलिस ने तमिलनाडु पुलिस को सौंप दिया।
फोटो में पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार हुए तमिलनाडु के आजीवन कारावास की सजा पाए कैदी अरुण पांडियन, जिसे गराचरमा में तलाशने के बाद पुलिस ने तमिलनाडु पुलिस को सौंप दिया।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम -- एबरडीन थाने के कर्मियों ने तमिलनाडु पुलिस से मिली सूचना के आधार पर श्री विजय पुरम के गराचरमा क्षेत्र में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक फरार कैदी का सफलतापूर्वक पता लगाया।

तमिलनाडु के रामनाथपुरम निवासी 33 वर्षीय अरुण पांडियन वर्ष 2017 में केनिक्करई थाने में दर्ज हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।

पुलिस के अनुसार, पांडियन को मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के आदेश के अनुसार सितंबर 2026 में 21 दिन की पैरोल पर मदुरै केंद्रीय कारागार से रिहा किया गया था। लेकिन पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद 2 अक्टूबर को उसने जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया।

इसके बाद केनिक्करई थाने में उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 262 के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान तमिलनाडु पुलिस को सूचना मिली कि फरार कैदी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में छिपा हुआ है, जिसके बाद उसने अंडमान और निकोबार पुलिस से सहायता मांगी। सूचना पर कार्रवाई करते हुए एबरडीन थाने के कर्मियों ने प्रयास शुरू किए और पांडियन को गराचरमा में खोज निकालने के बाद तमिलनाडु पुलिस को सौंप दिया।

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