पटाखा दुकानों में अधिक कीमत और नकली छूट पर कार्रवाई की मांग

समाप्त अवधि के पटाखों की बिक्री पर भी जताई चिंता
पटाखों के डिब्बों पर बदले हुए अधिकतम खुदरा मूल्य और समाप्ति तिथि के स्टीकर।
पटाखों के डिब्बों पर बदले हुए अधिकतम खुदरा मूल्य और समाप्ति तिथि के स्टीकर।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम --

अवर राइट्स ऑर्गनाइजेशन ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर श्री विजय पुरम सहित द्वीपसमूह के विभिन्न क्षेत्रों में पटाखों की दुकानों और अस्थायी बिक्री केंद्रों पर ग्राहकों से कथित रूप से अधिक कीमत वसूलने, भ्रामक छूट देने तथा समाप्त अवधि के पटाखे बेचने की शिकायत की है। संगठन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सभी पटाखा दुकानों पर तत्काल संयुक्त छापेमारी कराने और दोषी दुकानदारों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

संगठन के अध्यक्ष सी. सरवणन ने 2 नवंबर को जारी पत्र में आरोप लगाया है कि कुछ पटाखा विक्रेता स्वयं ही पटाखों के डिब्बों पर वास्तविक कीमत से काफी अधिक अधिकतम खुदरा मूल्य अंकित कर रहे हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि मुख्य भूमि पर जिस पटाखे के डिब्बे की वास्तविक कीमत लगभग Rs. 1,000 है, उसी पर कुछ दुकानदार Rs. 5,000 तक का अधिकतम खुदरा मूल्य अंकित कर रहे हैं। इसके बाद दुकानों के बाहर 60 से 70 प्रतिशत तक छूट देने वाले बड़े-बड़े विज्ञापन और सूचना पट्ट लगाए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की छूट देखकर आम ग्राहक यह समझता है कि उसे पटाखे काफी कम कीमत पर मिल रहे हैं, जबकि वास्तविकता में छूट देने के बाद भी उससे मूल कीमत से दोगुने से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। संगठन ने इसे ग्राहकों को गुमराह करने और उनके साथ धोखाधड़ी करने का तरीका बताते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां विधिक माप विज्ञान अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन हो सकती हैं।

पत्र में संगठन ने एक अन्य गंभीर शिकायत का भी उल्लेख किया है। संगठन के अनुसार, आम लोगों की ओर से मौखिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि कुछ दुकानदार समाप्त अवधि के पटाखों की बिक्री कर रहे हैं। आरोप है कि कई दुकानों में एक से दो वर्ष पहले ही समाप्त हो चुके पटाखों के पुराने डिब्बों पर नए और नकली अधिकतम खुदरा मूल्य तथा निर्माण तिथि के स्टीकर चिपकाकर उन्हें दोबारा बिक्री के लिए रखा जा रहा है। इससे ग्राहकों को पटाखों की वास्तविक स्थिति और उनकी निर्माण संबंधी जानकारी नहीं मिल पा रही है।

संगठन ने कहा कि समाप्त अवधि के पटाखों की बिक्री केवल ग्राहकों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी का मामला नहीं है, बल्कि इससे आम जनता की सुरक्षा को भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। विशेष रूप से ऐसे पटाखे जिनमें नमी आ गई हो या जिनमें मौजूद रासायनिक पदार्थ खराब हो चुके हों, उनके इस्तेमाल से गंभीर चोट, आग लगने की घटना तथा अन्य दुर्घटनाएं हो सकती हैं। संगठन ने बताया कि इस कथित गतिविधि से संबंधित एक वीडियो भी सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित हो रहा है।

सी. सरवणन ने अपने पत्र में कहा है कि दीपावली के अवसर पर हजारों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपनी मेहनत की कमाई खर्च करके बच्चों के लिए पटाखे खरीदते हैं। ऐसे में दुकानदारों द्वारा कथित रूप से अधिक कीमत वसूलने और समाप्त अवधि के पटाखे बेचकर जनता को नुकसान पहुंचाने की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान ग्राहकों के हितों की रक्षा करना और बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

अवर राइट्स ऑर्गनाइजेशन ने प्रशासन से मांग की है कि नागरिक आपूर्ति विभाग, विधिक माप विज्ञान विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर सभी पटाखा दुकानों और बिक्री केंद्रों पर तत्काल छापेमारी की जाए। साथ ही दुकानों में उपलब्ध पटाखों की वास्तविक खरीद कीमत और कंपनियों द्वारा जारी मूल बिलों का डिब्बों पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य से मिलान किया जाए, ताकि अधिक कीमत अंकित करने और ग्राहकों को भ्रामक छूट देने के मामलों का पता लगाया जा सके।

संगठन ने यह भी मांग की है कि नकली स्टीकर लगाकर बेचे जा रहे सभी समाप्त अवधि के पटाखों को तत्काल जब्त किया जाए और दोषी दुकानदारों के विरुद्ध विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त संगठन ने मुख्य भूमि के शिवकाशी बाजार में प्रचलित दरों के आधार पर पटाखों की एक समान और उचित मूल्य सूची निर्धारित करने का भी सुझाव दिया है, ताकि ग्राहकों से मनमानी कीमत वसूलने की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

संगठन ने कहा है कि दीपावली के दौरान आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कथित कालाबाजारी रोकने और उपभोक्ताओं को आर्थिक शोषण से बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई किया जाना बेहद जरूरी है।

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