

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम - अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के आह्वान पर अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में कांग्रेस की महिला इकाई ने कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर आज गांधी प्रतिमा के समीप धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रंगलाल हलदर सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विभिन्न अग्रिम संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस की नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाए जाने के बावजूद सरकार और संबंधित अधिकारियों की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। नेताओं ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर द्वीपसमूह के विभिन्न क्षेत्रों, जिनमें बंबू फ्लैट, कुशीनगर और गराचरमा सहित अन्य स्थान शामिल हैं, में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
महिला कांग्रेस की नेताओं ने अपने संबोधन में महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी, महंगाई, बिजली कटौती, पेयजल संकट और सड़कों की खराब स्थिति जैसे मुद्दे भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविक परिस्थितियां चिंताजनक हैं। नेताओं ने दिल्ली में चुनावी मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रही महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की भी निंदा की।
सभा में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर से संबंधित विवाद का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने मीडिया में लगाए गए कथित आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार के अनुचित आरोपों और उत्पीड़न के मामलों में निष्पक्षता बरती जानी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रंगलाल हलदर ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में अंडमान-निकोबार में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समुचित समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से अंडमान ट्रंक रोड की स्थिति, सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं और बार-बार होने वाली बिजली कटौती का उल्लेख किया।
प्रदर्शन में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष जुबैदा बेगम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष जॉन रॉबर्ट सहित अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी विचार रखे। वक्ताओं ने संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता की रक्षा पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी।