शिक्षक बी. नीलैया को टीचर्स अवार्ड, मलेशिया में अंतरराष्ट्रीय अंपायर

शिक्षा और शतरंज में अंडमान को मिला दोहरा गौरव
शिक्षक, शतरंज प्रशिक्षक और अंतरराष्ट्रीय अंपायर बी. नीलैया का चित्र, जिन्हें टीचर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया।
शिक्षक, शतरंज प्रशिक्षक और अंतरराष्ट्रीय अंपायर बी. नीलैया का चित्र, जिन्हें टीचर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम – अंडमान एवं निकोबार के शिक्षक और शतरंज जगत के लिए गौरव की खबर है कि प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक, शतरंज प्रशिक्षक तथा अंतरराष्ट्रीय अंपायर बी. नीलैया को “बनेगा स्वस्थ इंडिया टीचर्स अवार्ड्स 2026” में सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही उन्हें मलेशिया में आयोजित होने वाली पहली कॉमनवेल्थ स्कूल्स शतरंज चैंपियनशिप 2026 में अंपायर की जिम्मेदारी मिली है। उपलब्ध आधिकारिक प्रतियोगिता विवरण के अनुसार यह चैंपियनशिप 4 से 12 अक्टूबर 2026 तक कुआलालंपुर में आयोजित हो रही है।

टीचर्स अवार्ड्स 2026 की सूची में बी. नीलैया का नाम अंडमान एवं निकोबार से चयनित शिक्षकों में शामिल है। पुरस्कार कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से स्वास्थ्य, स्वच्छता, सामाजिक जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन के क्षेत्र में काम करने वाले शिक्षकों को पहचान देना है।

नीलैया की पहल में शतरंज को बच्चों के बीच पर्यावरणीय जागरूकता के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करना विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उपलब्ध विवरण के अनुसार उन्होंने शतरंज गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को कूड़ा फैलाने और प्लास्टिक कचरे के प्रभाव के बारे में समझाया तथा बाद में विद्यार्थियों, परिवारों, स्थानीय प्रशासन और एक संगठन के सहयोग से समुद्र तट की सफाई अभियान भी आयोजित किए। इस पहल से 101 से 250 विद्यार्थियों और समुदाय के सदस्यों तक पर्यावरणीय जागरूकता पहुंची।

मलेशिया में होने वाली कॉमनवेल्थ स्कूल्स शतरंज चैंपियनशिप 2026 पहली बार आयोजित की जा रही है। मलेशियन चेस फेडरेशन के अनुसार प्रतियोगिता 4 से 12 अक्टूबर तक सिटीटेल मिडवैली, कुआलालंपुर में आयोजित होगी और इसमें कॉमनवेल्थ देशों के जूनियर एवं युवा खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों में हिस्सा लेंगे।

बी. नीलैया लंबे समय से अंडमान एवं निकोबार में शतरंज के विकास से जुड़े रहे हैं। वे अंडमान एवं निकोबार चेस एसोसिएशन से भी जुड़े हैं और द्वीपों में स्कूलों तथा युवाओं के बीच शतरंज को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वर्ष 2025 में भी उन्हें शिक्षक खेल आयोजनों में शतरंज प्रतियोगिता के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई थी।

अंडमान एवं निकोबार चेस एसोसिएशन तथा द्वीपसमूह के शतरंज समुदाय ने नीलैया को इस सम्मान और अंतरराष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी है। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि उनकी उपलब्धियां द्वीपों के युवा खिलाड़ियों को शतरंज के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अंडमान एवं निकोबार का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित करेंगी।

शिक्षण और शतरंज—दोनों क्षेत्रों में नीलैया की सक्रियता ने इस उपलब्धि को द्वीपसमूह के लिए विशेष महत्व दिया है। एक ओर जहां शिक्षक के रूप में उनके सामाजिक जागरूकता संबंधी कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, वहीं अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में अंपायर की भूमिका ने उन्हें वैश्विक शतरंज मंच से भी जोड़ा है।

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