अंडमान गेस्ट हाउस में कमरों की अनुपलब्धता पर उठे सवाल

ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था की जांच की मांग
चेन्नई के अन्नानगर स्थित अंडमान गेस्ट हाउस की तस्वीर।
चेन्नई के अन्नानगर स्थित अंडमान गेस्ट हाउस की तस्वीर।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम – चेन्नई के अन्नानगर स्थित अंडमान गेस्ट हाउस में कमरों की लगातार अनुपलब्धता को लेकर आवर राइट्स ऑर्गनाइजेशन ने गंभीर चिंता जताते हुए उपराज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष सी. सरवणन ने 4 नवंबर 2026 को उपराज्यपाल को पत्र लिखकर गेस्ट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था और कमरों के आवंटन प्रक्रिया की विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया है।

पत्र में उन्होंने कहा है कि अंडमान गेस्ट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था में लगभग हमेशा कमरों की स्थिति 'फुल' दिखाई देती है, जिसके कारण अंडमान-निकोबार से चेन्नई जाने वाले वास्तव में जरूरतमंद लोगों को आवास प्राप्त करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस स्थिति को बुकिंग व्यवस्था की पारदर्शिता, कार्यप्रणाली और आम लोगों की पहुंच से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।

सी. सरवणन ने कहा कि अंडमान गेस्ट हाउस विशेष रूप से उन द्वीपवासियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है, जिन्हें विशेष चिकित्सा उपचार, नियमित चिकित्सकीय परामर्श, सर्जरी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए चेन्नई जाना पड़ता है। इसके अलावा उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए चेन्नई जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भी यह सुविधा काफी महत्वपूर्ण है।

कमरों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों, उनके परिजनों, विद्यार्थियों और अन्य जरूरतमंद द्वीपवासियों को निजी आवास में काफी अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं, जिससे पहले से ही चिकित्सा, शिक्षा और यात्रा के खर्च का सामना कर रहे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

उन्होंने उपराज्यपाल से मांग की है कि संबंधित विभाग को ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल में संभावित तकनीकी खराबी, प्रशासनिक कमियों अथवा अन्य समस्याओं की जांच करने का निर्देश दिया जाए।

साथ ही कमरों की वास्तविक संख्या, उनके उपयोग, अधिभोग रिकॉर्ड, बुकिंग रजिस्टर और आवंटन संबंधी दस्तावेजों का स्वतंत्र सत्यापन कराया जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कमरे निर्धारित नियमों के अनुसार आवंटित किए जा रहे हैं या नहीं।

पत्र में ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को वास्तविक उपलब्धता के अनुरूप बनाने तथा आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और सभी पात्र आवेदकों के लिए सुलभ बनाने की भी मांग की गई है। उन्होंने चिकित्सा उपचार के लिए बार-बार चेन्नई जाने वाले मरीजों और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए विशेष प्राथमिकता अथवा अलग आवास कोटा निर्धारित करने का सुझाव दिया है।

इसके अलावा बढ़ती आवासीय जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त कमरे बनाने अथवा मौजूदा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने की व्यवहार्यता की जांच करने और शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित करने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि आवेदक कमरों की उपलब्धता से संबंधित समस्याओं की शिकायत कर सकें और समय पर जवाब प्राप्त कर सकें।

सी. सरवणन ने अपने पत्र में कहा है कि अंडमान गेस्ट हाउस केवल एक आवासीय सुविधा नहीं, बल्कि भौगोलिक रूप से अलग-थलग द्वीपों के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी संस्थान है। उन्होंने उपराज्यपाल से मुख्य सचिव तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध जांच करने, कमरों की लगातार 'फुल' स्थिति के पीछे के कारणों का पता लगाने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश देने की अपील की है।

चेन्नई के अन्नानगर स्थित अंडमान गेस्ट हाउस की तस्वीर।

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