

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम --
भारतीय जनता पार्टी के अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार तिवारी ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र भेजकर अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के लोगों के सामने उत्पन्न रसोई गैस सिलेंडरों की कमी की गंभीर समस्या की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने द्वीपों में पर्याप्त गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त भंडार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
अपने पत्र में तिवारी ने कहा कि मानसून के मौसम और खराब मौसम तथा समुद्र में उथल-पुथल की स्थिति के दौरान, जो वर्ष में लगभग 4 से 5 महीने तक बनी रहती है, जहाज सेवाएं लगातार 10 से 15 दिनों तक पूरी तरह बाधित हो जाती हैं। इस अवधि में दूरदराज के द्वीपों में रसोई गैस सिलेंडरों की गंभीर कमी उत्पन्न हो जाती है। इससे घरेलू परिवारों, आंगनवाड़ियों, मध्याह्न भोजन केंद्रों तथा व्यावसायिक सिलेंडरों पर निर्भर छोटे होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए तिवारी ने कहा कि वर्तमान मासिक कोटा दूरदराज के द्वीपों में पर्याप्त सुरक्षित भंडार बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन और भारतीय तेल निगम को मानसून शुरू होने से पहले सभी दूरदराज के द्वीपों में अतिरिक्त गैस सिलेंडरों का भंडार पहले से उपलब्ध कराना आवश्यक है।
अनिल कुमार तिवारी ने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की जनता तथा भारतीय जनता पार्टी की ओर से केंद्रीय मंत्री से विशेष एकमुश्त सुरक्षित भंडार कोटे के रूप में 8000 अतिरिक्त घरेलू रसोई गैस सिलेंडर और 2000 अतिरिक्त वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त कोटे के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले सिलेंडरों को श्री विजय पुरम तथा भारतीय तेल निगम के अन्य द्वीप भंडार केंद्रों में सुरक्षित भंडार के रूप में रखा जा सकता है। इससे खराब मौसम और समुद्र में उथल-पुथल की स्थिति के दौरान भी लोगों को सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
तिवारी ने कहा कि अतिरिक्त भंडार से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ द्वीपों में बढ़ते पर्यटन क्षेत्र को भी आवश्यक सहायता मिलेगी। इसके अलावा दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कार्यान्वयन को भी इससे समर्थन प्राप्त होगा।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने और अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के दूरदराज क्षेत्रों में मानसून एवं खराब समुद्री मौसम के दौरान रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सिलेंडरों का विशेष भंडार उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।