अंडमान और निकोबार प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी से की मुलाकात

टीएसजी भास्कर और डॉ. विक्रांत भूरिया ने समर्थन जताया
अंडमान और निकोबार प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी से की मुलाकात
Published on

सन्मार्ग संवाददाता 

श्री विजयपुरम : पर्यावरणीय स्थिरता और जनजातीय अधिकारों से जुड़े गंभीर मुद्दों को उजागर करते हुए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रस्तावित ग्रेट निकोबार इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में निकोबार जिले की ट्राइबल काउंसिल के सदस्य शामिल थे, जिनके साथ अंडमान एवं निकोबार टेरिटोरियल कांग्रेस कमेटी के अभियान समिति के अध्यक्ष टीएसजी भास्कर भी मौजूद थे। बैठक के दौरान अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया भी उपस्थित रहे और उन्होंने उठाए गए मुद्दों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेट निकोबार द्वीप के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र और वहां की स्वदेशी जनजातीय समुदायों पर जीएनआई परियोजना के संभावित प्रतिकूल प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास आवश्यक है, लेकिन यह पर्यावरणीय क्षरण या जनजातीय आबादी के विस्थापन और हाशिए पर जाने की कीमत पर नहीं होना चाहिए। सदस्यों ने एक संतुलित और सतत विकास दृष्टिकोण की वकालत की, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के पारंपरिक अधिकारों एवं आजीविका की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। राहुल गांधी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता और धैर्यपूर्वक सुना तथा प्रस्तुत किए गए मुद्दों की गंभीरता को स्वीकार किया।

उन्होंने इन महत्वपूर्ण विषयों को अपने समक्ष लाने के लिए प्रतिनिधिमंडल के प्रयासों की सराहना की और आश्वासन दिया कि इन चिंताओं को उपयुक्त मंचों पर उठाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना के संबंध में अपनी आपत्तियों और सुझावों को विस्तार से बताते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गाँधी ने भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक कदम सकारात्मक तरीके से उठाए जाएंगे। सकारात्मक पहल के तहत उन्होंने निकट भविष्य में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का दौरा करने की भी इच्छा व्यक्त की, ताकि वह सीधे लोगों से संवाद कर सकें और जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझ सकें।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in